कांग्रेस के दामन पर 1984 के दंगों का साया? भाजपा का तीखा हमला, जगदीश टाइटलर पर छिड़ा विवाद
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को कांग्रेस पर 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपी जगदीश टाइटलर को इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट के एक कार्यक्रम में प्रमुखता से स्थान देने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस ने चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बैचलेट को इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए आयोजित एक समारोह में जगदीश टाइटलर को "प्रमुख अतिथि" के तौर पर बिठाकर एक निंदनीय कार्य किया है।
मालवीय ने अपने एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में इस घटनाक्रम को "गांधी परिवार द्वारा संरक्षण" और "सिख समुदाय के लिए एक भयावह संदेश" करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि 1984 के सिख नरसंहार में टाइटलर की संलिप्तता पीड़ितों की गवाही, विभिन्न आयोगों की रिपोर्टों और दशकों की जांच-पड़ताल के माध्यम से "संदेह से परे साबित" हो चुकी है।
भाजपा नेता ने आगे कहा, "कांग्रेस को 1984 के लिए न तो कोई पछतावा है और न ही कोई खेद।" उन्होंने इस कथित कृत्य को "जानबूझकर किया गया कदम" और "कोई संयोग नहीं" बताया। मालवीय के अनुसार, यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि पार्टी भारत के इतिहास के "सबसे काले और सबसे दर्दनाक अध्यायों में से एक" को कितनी हल्के में लेती है। उन्होंने सिख समुदाय से आग्रह किया कि वे इसे "उसी रूप में देखें जैसा यह है: यह एक राजनीतिक संकेत है कि कांग्रेस 1984 के नरसंहार में अपनी भूमिका को स्वीकार करने से इनकार करती है।" मालवीय ने दृढ़ता से कहा, "इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता। स्मृतियों को दबाया नहीं जा सकता। और जवाबदेही को हमेशा के लिए नकारा नहीं जा सकता।"
यह पहली बार नहीं है जब जगदीश टाइटलर कांग्रेस से जुड़े किसी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति के कारण विवादों में आए हैं। पिछले साल, स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में ध्वजारोहण समारोह के दौरान उनकी मौजूदगी ने भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं और आलोचना को जन्म दिया था। उस समय भी मालवीय ने एक्स पर पोस्ट कर टाइटलर को "राजीव गांधी के इशारे पर सिखों का नरसंहार करने वाला" बताते हुए राहुल गांधी के साथ उनकी तस्वीर साझा की थी और कहा था, "कुछ दाग मिटते नहीं, चाहे कितना भी समय बीत जाए। गांधी परिवार भी बेबाक है।"
यह पूरा विवाद 1984 के उन भयानक दंगों से जुड़ा है, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के थे। इन दंगों में देश भर में 3,000 से ज़्यादा सिख समुदाय के लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। दिल्ली इन दंगों की भीषण हिंसा का गवाह बनी थी।
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At an event honouring Michelle Bachelet with the Indira Gandhi Peace Prize, the Congress chose to seat Jagdish Tytler as a prominent guest.
This is the same Tytler whose involvement in the 1984 Sikh killings has been established beyond doubt through testimonies, commissions, and… pic.twitter.com/Vas0EHRgWE— Amit Malviya (@amitmalviya) November 20, 2025
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