जमशेदपुर हाट: कारीगरों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान, साकची में शिलान्यास संपन्न
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के हुनरमंद हाथों को अब मिलेगा एक नया मंच! साकची स्थित विश्वकर्मा प्वाइंट परिसर में ‘जमशेदपुर हाट’ का भव्य निर्माण कार्य आज उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के हाथों शिलान्यास के साथ शुरू हुआ। यह अनूठी पहल जिले के कारीगरों, शिल्पकारों और हस्तशिल्प से जुड़े समुदायों की आजीविका को संवारने और उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से की गई है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर डीडीसी नागेंद्र पासवान, एडीसी भगीरथ प्रसाद, जेएनएसी उप नगर आयुक्त कृष्ण कुमार और धालभूम के एसडीओ चंद्रजीत सिंह भी मौजूद रहे।
क्या है ‘जमशेदपुर हाट’ का विजन?
‘जमशेदपुर हाट’ का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न प्रखंडों के उन गुमनाम हुनरमंदों को एक ऐसा साझा मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपने द्वारा बनाए गए अद्भुत उत्पादों का न केवल प्रदर्शन कर सकें, बल्कि उन्हें सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाकर अपनी मेहनत का उचित मूल्य भी प्राप्त कर सकें। इस हाट में बोड़ाम प्रखंड के अंधार झोर गांव के विशिष्ट वाद्य यंत्र निर्माताओं के साथ-साथ जिले के अन्य क्षेत्रों के कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किए गए बेहतरीन शिल्प और क्राफ्ट उत्पाद भी प्रमुखता से शामिल होंगे।
पारंपरिक कला को मिलेगा नया जीवन, स्वरोजगार को मिलेगी गति
यह पहल सिर्फ पारंपरिक कला और स्थानीय हस्तशिल्प को नई पहचान दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं और महिलाओं को भी स्व-रोजगार से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
उपायुक्त ने जताई उम्मीद, कारीगरों को मिलेगी आत्मनिर्भरता की चाबी
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने शिलान्यास के दौरान इस परियोजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, "’जमशेदपुर हाट’ हमारे स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए आजीविका संवर्धन का एक मजबूत स्तंभ साबित होगा। यह उन्हें अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का एक सुनहरा अवसर देगा और स्थानीय स्तर पर ही एक सुलभ बाजार की सुविधा उपलब्ध कराएगा।"
उन्होंने आगे कहा, "जिला प्रशासन का यह दृढ़ संकल्प है कि हम जिले की समृद्ध पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को न केवल प्रोत्साहन दें, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम बनाने में भी मदद करें। उत्पादों के विपणन, उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण देने और नवीनतम तकनीकों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।"
राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि इस पहल के माध्यम से जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा मिले और ग्रामीण इलाकों की छिपी हुई प्रतिभाओं को नए अवसर प्राप्त हों।
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अवेयर मीडिया नेटवर्क
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