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उत्तर प्रदेश
oi-Divyansh Rastogi
Published: Sunday, January 18, 2026, 18:40 [IST]
झांसी से सनसनीखेज वारदात: लिव-इन पार्टनर की निर्मम हत्या और शव को जलाने का खौफनाक सच
उत्तर प्रदेश के झांसी में एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी ने अपनी लिव-इन पार्टनर (Live-In Partner Murder) की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव के टुकड़े-टुकड़े किए और एक हफ्ते तक कमरे में लकड़ियों से जलाया। बची हुई हड्डियां और राख को नीले बॉक्स में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। यह मामला दिल्ली के श्रद्धा वॉकर हत्याकांड की याद दिलाता है, जहां आफताब पूनावाला ने भी पार्टनर को मौत के घाट उतारकर शव के कई टुकड़े किए थे।
झांसी केस: क्रूरता की हदें पार
झांसी का यह केस भी दिल दहला देने वाला है। आरोपी ने पैसे की मांग से तंग आकर हत्या की और फिर सबूत मिटाने के लिए बेहद क्रूर तरीके अपनाए। पुलिस ने एक ऑटो ड्राइवर की सूचना पर इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया। आइए, इस जघन्य वारदात की पूरी कहानी, आरोपी की पहचान, टाइमलाइन और जांच के तथ्यों को विस्तार से समझते हैं…
कौन है आरोपी राम सिंह परिहार?
राम सिंह परिहार झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के ब्रह्मनगर कॉलोनी का रहने वाला है और रेलवे से रिटायर्ड कर्मचारी है। उसकी पहली पत्नी सीपरी बाजार में रहती है, जबकि दूसरी पत्नी गीता उसी घर में रहती है जहां इस वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपी ने लहर गांव में किराए के मकान में अपनी गर्लफ्रेंड प्रीति (40 वर्ष) के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहता था। पुलिस के अनुसार, प्रीति लगातार राम सिंह से पैसे मांगती थी और लाखों रुपये वसूल चुकी थी। ब्लैकमेलिंग से तंग आकर राम सिंह ने इस खतरनाक साजिश रची।
घटना की पूरी टाइमलाइन और क्रूरता की दास्तां
7 जनवरी 2026 (अनुमानित): राम सिंह ने प्रीति को लहर गांव स्थित किराए के कमरे पर बुलाया और गला दबाकर या अन्य तरीके से उसकी हत्या कर दी। शव को कमरे में छिपा दिया गया। बदबू आने पर आरोपी ने शव के टुकड़े-टुकड़े किए।
- 7 दिन तक जलाया: आरोपी ने शव के एक-एक अंग को घर में ही लकड़ियों से जलाया। इसमें उसके बेटे नीतिन ने भी लकड़ियां मंगवाकर मदद की।
- 16-17 जनवरी की रात: बची हुई हड्डियां, राख और जले हुए कोयले को नीले बॉक्स में भरकर ऊपर से पानी डाला गया (बदबू को दबाने के लिए)।
- 17 जनवरी रात: आरोपी ने 400 रुपये में एक टैक्सी/ऑटो बुक किया। बॉक्स को टैक्सी में रखवाया और मिनर्वा चौराहे ले जाने को कहा, जबकि वह खुद बाइक से पीछे-पीछे चला।
ड्राइवर की सूझबूझ से खुला राज: ऑटो ड्राइवर जय सिंह पाल ने बताया कि बॉक्स से पानी टपक रहा था और तेज बदबू आ रही थी। शक होने पर उसने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बॉक्स खोला तो उसमें जले हुए शव के टुकड़े, हड्डियां और राख मिली। फोरेंसिक टीम ने मौके से सैंपल लिए और आरोपी के घर छापा मारा। पुलिस ने राम सिंह और उसके बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें आरोपी ने अपना गुनाह कबूल लिया। अब डीएनए टेस्ट से पुष्टि की जाएगी।
श्रद्धा वॉकर कांड से समानता: क्यों हो रही है तुलना?
यह मामला दिल्ली के श्रद्धा वॉकर हत्याकांड से काफी मिलता-जुलता है। श्रद्धा के हत्यारे आफताब पूनावाला ने भी लिव-इन पार्टनर की हत्या कर शव के 35 टुकड़े किए थे और उन्हें फ्रिज में रखकर धीरे-धीरे ठिकाने लगाया था। झांसी केस में भी हत्या लिव-इन रिलेशनशिप और पैसे के झगड़े के चलते हुई, और सबूत मिटाने की कोशिश की गई। हालांकि, दोनों मामलों में फर्क यह है कि यहां शव को फ्रिज में नहीं, बल्कि घर में ही जला दिया गया।
पुलिस जांच और वर्तमान स्थिति
एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। राम सिंह परिहार और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा हत्या, सबूत मिटाने और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपी की दूसरी पत्नी गीता ने पुलिस को बताया कि राम सिंह ने उसे खुद हत्या की बात कबूली थी, यह कहते हुए कि प्रीति उसे पैसे के लिए ब्लैकमेल कर रही थी। पुलिस अब प्रीति के पूर्व पति से भी बयान ले रही है।
यह केस रिश्तों के नाम पर क्रूरता की एक और मिसाल है, जहां पैसे और रिश्ते के झगड़े ने एक जिंदगी छीन ली। पुलिस जांच जारी है और फोरेंसिक व डीएनए रिपोर्ट से और डिटेल्स सामने आएंगी।
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