हज़ारीबाग़ में कुर्मी समुदाय का ‘रेल रोको’ आंदोलन: चरही स्टेशन पर थमीं ट्रेनें, यात्रियों को हुई परेशानी
चरही, हज़ारीबाग़: शनिवार की सुबह हज़ारीबाग़ ज़िले के चरही रेलवे स्टेशन पर कुर्मी समुदाय का “रेल रोको” आंदोलन रेल परिचालन के लिए एक बड़ी बाधा बन गया। सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में पुरुष, महिलाएँ और युवा मांडू विधायक तिवारी महतो के नेतृत्व में पटरियों पर उतर आए, जिससे रेलगाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। स्टेशन परिसर पानी-पानी हो गया और यात्री अचानक से शुरू हुई इस रुकावट से हैरान रह गए। कई ट्रेनें जहां-तहां रुक गईं, जिससे यात्रियों को घंटों तक अनिश्चितता और निराशा का सामना करना पड़ा।
मांगें और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस विरोध प्रदर्शन के पीछे कुर्मी समुदाय की वर्षों से चली आ रही कथित उपेक्षा को सामने लाने की मंशा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं:
- अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में कुर्मी समुदाय को शामिल करना।
- संविधान की आठवीं अनुसूची में कुर्माली भाषा को आधिकारिक मान्यता देना।
समुदाय के सदस्यों ने गहरी पीड़ा व्यक्त की, यह कहते हुए कि दशकों के भेदभाव के बाद, अपनी आवाज उठाना अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक आवश्यकता है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, “हमने अच्छी शिक्षा प्राप्त की है, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं मिला। हमें अच्छी नौकरियां नहीं मिल रही हैं और हम अपने बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य चाहते हैं। एसटी कोटे के लाभ ओबीसी को नहीं मिलते, इसलिए एसटी दर्जा हमारी मांग है।”
इस बीच, रेलवे अधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन भी कड़ी नजर रखे हुए है।
आंदोलन का विस्तार और भविष्य की रणनीति
मांडू विधायक तिवारी महतो ने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य और केंद्र सरकारें ठोस आश्वासन नहीं देतीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक शांतिपूर्ण विरोध है, लेकिन यदि उनकी जायज मांगों को अनसुना किया गया तो आंदोलन तेज हो सकता है।
यह नाकाबंदी झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कुर्मी संगठनों द्वारा 20 सितंबर से शुरू होने वाले व्यापक आंदोलन का हिस्सा है। अनुसूचित जनजाति का दर्जा हासिल करने के पिछले प्रयास विधायी मंचों पर खारिज हो चुके हैं, जिसने एक बार फिर इस मांग को हवा दी है। इस घटना ने क्षेत्र में हलचल मचा दी है और अधिकारियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।
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