लद्दाख में उबाल: सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल समाप्त की, पर हिंसा का साया गहराया
लद्दाख की शांत घाटियों में बुधवार को एक नई, पर चिंताजनक तस्वीर उभरी। मशहूर आविष्कारक और समाज सुधारक सोनम वांगचुक ने अपनी 15 दिनों की साहसिक भूख हड़ताल समाप्त की, जो लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने और छठी अनुसूची के दायरे में लाने की मांग को लेकर शुरू हुई थी। पर, इस आंदोलन की पूर्णाहुति उस वक्त धुएँ और आग की लपटों में घिर गई जब हज़ारों की भीड़ लेह की सड़कों पर उतर आई, जिसने आगजनी और तोड़फोड़ का तांडव रचा।
यह अप्रत्याशित उबाल लद्दाख एपेक्स बॉडी (LAB) की युवा शाखा के आह्वान पर भड़का। 10 सितंबर से 35 दिनों से अनशन पर बैठे 15 प्रदर्शनकारियों में से दो की सेहत बिगड़ने और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद, युवाओं का सब्र जवाब दे गया। गुस्साए युवाओं ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और हिल काउंसिल के मुख्यालयों को निशाना बनाया, जहां पथराव की घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया।
सियाचिन से उठा विनाश का शोर: 3 जवान शहीद, बचाव कार्य जारी
इस बीच, दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन से एक दुखद खबर आई। सीमा पर तैनात 2 अग्निवीरों सहित 3 जवानों ने अपनी जान गंवाई। राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन यह घटना लद्दाख क्षेत्र में बढ़ती संवेदनशीलता को और भी रेखांकित करती है।
प्रशासन का कड़ा रुख: निषेधाज्ञा लागू, उल्लंघन पर कार्रवाई
बिगड़ते हालात को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। इस कड़े कदम के तहत, पाँच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है, ताकि आगे किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके। चूंकि यह आदेश व्यक्तिगत रूप से तामील नहीं किया जा सकता, इसलिए इसे एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले को BNS की धारा 223 के तहत दंडित किया जाएगा।
वांगचुक की अपील: हिंसा रोकें, उद्देश्य को नुकसान न पहुंचाएं
हालांकि, इन सब के बीच, सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों से संयम बरतने और हिंसा तुरंत रोकने की मार्मिक अपील की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की बर्बरता उनके आंदोलन को कमजोर करेगी और स्थिति को और बिगाड़ेगी। "मैं लद्दाख के युवाओं से अनुरोध करता हूँ कि वे तुरंत हिंसा रोकें, क्योंकि इससे हमारे उद्देश्य को ही नुकसान पहुँचता है और स्थिति और बिगड़ती है। हम लद्दाख और देश में अस्थिरता नहीं चाहते," उन्होंने कहा।
इससे पहले, वांगचुक ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश जारी कर अपने अनुयायियों से शांति बनाए रखने की गुहार लगाई थी। उन्होंने लिखा, "लेह में बहुत दुखद घटनाएँ हुईं। शांतिपूर्ण मार्ग का मेरा संदेश आज विफल हो गया। मैं युवाओं से अपील करता हूँ कि कृपया यह बकवास बंद करें। इससे हमारे उद्देश्य को ही नुकसान पहुँचता है।"
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
