बिहार चुनाव में भाजपा की नई चाल: लोकगायिका मैथिली ठाकुर को अलिनगर से मैदान में उतारा, युवा वोटरों पर खास ध्यान
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपनी दूसरी सूची जारी कर दी है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस सूची में कुल 12 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिनमें सबसे खास है लोकगायिका मैथिली ठाकुर का अलिनगर सीट से उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना। पार्टी ने नौ सीटों पर नए चेहरों को मौका देकर युवा मतदाताओं को लुभाने और मिथिलांचल क्षेत्र में अपनी पकड़ को और मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का प्रदर्शन किया है।
मैथिली ठाकुर ने अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विचारों से प्रेरित हैं। उनका मानना है कि वे समाज सेवा और बिहार के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। ठाकुर ने अपने उद्देश्य के रूप में मैथिली परंपराओं को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय संस्कृति को जनसेवा के माध्यम से राष्ट्रीय पटल पर लाने की बात कही है।
इस सूची में कुछ अन्य प्रमुख चेहरे भी शामिल हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा बक्सर से, विरेंद्र कुमार रोसरा से, छोटी कुमारी छपरा से और रामचंद्र प्रसाद हयाघाट से चुनाव लड़ेंगे। शाहपुर से राकेश ओझा, बनियापुर से केदारनाथ सिंह और अगियौन से भाजपा के महेश पासवान को भी उम्मीदवार बनाया गया है। हालांकि, भाजपा ने बारह में से तीन मौजूदा विधायकों – बरह के ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानु, छपरा की सीएन गुप्ता और गोपालगंज की कुसुम देवी – को इस बार टिकट से वंचित रखा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह कदम पूर्व रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) की विविध उम्मीदवार नीति का मुकाबला करने की एक कूटनीतिक चाल है। ज्यादा नए चेहरों को मौका देकर भाजपा युवा शक्ति का लाभ उठाना चाहती है। अलिनगर सीट पर पिछली बार वीआईपी (VIP) पार्टी से कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली थी। ऐसे में, मैथिली ठाकुर की अपार लोकप्रियता, खासकर युवा मतदाताओं के बीच, भाजपा के लिए एक बड़ा तुरुप का इक्का साबित हो सकती है।
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