बजट 2026: ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा प्रहार— ‘हमारा पैसा लेकर हमें ही अंगूठा दिखा दिया!’
केंद्रीय बजट 2026-27 के पेश होते ही पश्चिम बंगाल की सियासत में उबाल आ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बंगाल की अनदेखी का गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार बजट पेश किए जाने के बाद, ममता बनर्जी ने इसे ‘दिशाहीन’ और ‘जनविरोधी’ करार दिया। बजट में वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और डांकुनी-सूरत समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर (DFC) जैसी घोषणाओं के बावजूद, बंगाल सरकार संतुष्ट नजर नहीं आ रही है।
‘खुलेआम झूठ और क्रेडिट की राजनीति’
ममता बनर्जी ने केंद्र पर ‘खुलेआम झूठ’ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से वस्तु एवं सेवा कर (GST) को लेकर केंद्र को आड़े हाथों लिया। सीएम ने कहा, ‘केंद्र ने तीन कॉरिडोर की घोषणा की है, जबकि हम पहले ही छह पर काम शुरू कर चुके हैं। पुरुलिया के जंगलमहल में ‘जंगल सुंदरी’ परियोजना के तहत 72,000 करोड़ रुपये का निवेश पाइपलाइन में है। केंद्र की घोषणाएं सिर्फ कागजी हैं; हकीकत में बंगाल को एक पैसा भी नहीं मिला। वे केवल जीएसटी के नाम पर हमारा पैसा वसूल रहे हैं।’
उन्होंने आगे तल्ख लहजे में कहा, ‘यह हमारा ही पैसा है जिसे वे लेकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं। इस सरकार को देश की आर्थिक और संवैधानिक संरचना को नष्ट करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। यह बजट विजन से शून्य है और समाज के हर वर्ग—चाहे वह महिला हो, किसान हो, युवा हो या पिछड़ा वर्ग—के खिलाफ है। बंगाल के लिए इसमें कुछ भी नहीं है।’
अभिषेक बनर्जी का ‘5001 सेकंड’ वाला हमला
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने भी संसद के बाहर सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने बजट भाषण की अवधि का जिक्र करते हुए इसे एक ‘पीआर रिपोर्ट’ बताया। अभिषेक ने कहा, ‘5001 सेकंड के लंबे भाषण में एक बार भी ‘बंगाल’ का नाम नहीं लिया गया। सरकार एआई (AI) और आधुनिक तकनीक की बात तो करती है, लेकिन युवाओं के रोजगार और आर्थिक सुरक्षा पर चुप्पी साधे हुए है। यह एक बेनाम और बेबुनियाद बजट है। केंद्र सरकार पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा नहीं, बल्कि बांग्लादेश की तरह देख रही है।’
क्या थीं वित्त मंत्री की बड़ी घोषणाएं?
बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की आहट के बीच निर्मला सीतारमण ने राज्य के लिए कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा, ‘पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई के लिए हम पूर्व में डांकुनी (बंगाल) को पश्चिम में सूरत (गुजरात) से जोड़ने वाले नए कॉरिडोर बनाएंगे।’ इसके अलावा, सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव भी दिया गया है, जिन्हें ‘ग्रोथ कनेक्टर्स’ कहा जा रहा है। इसमें दिल्ली-वाराणसी के साथ-साथ वाराणसी-सिलीगुड़ी मार्ग भी शामिल है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन घोषणाओं के बावजूद बंगाल और केंद्र के बीच फंड को लेकर चल रही ‘जंग’ इस बजट के बाद और तेज होने वाली है।
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