वायु सेना के शक्तिशाली C-295 विमानों ने राष्ट्रीय राजधानी के ऊपर अपनी शक्ति और सटीकता का प्रदर्शन करके गणतंत्र दिवस समारोह का भव्य समापन किया। आसमान में राष्ट्रीय ध्वज के साथ 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एम17 वी हेलीकॉप्टरों ने ‘इनवर्टेड बाय फॉर्मेशन’ में उड़ान भरी, जिसने उपस्थित लोगों में देशभक्ति की भावना को पूर्ण उत्कर्ष पर पहुँचा दिया।
उड़ान भरने वाले दल में ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत, विंग कमांडर आशुतोष खंडूरी और भारतीय वायुसेना के ध्वज के साथ विंग कमांडर अभिषेक मल्होत्रा शामिल थे। इसके अलावा, गणतंत्र दिवस परेड में परमवीर चक्र और अशोक चक्र से सम्मानित सैन्य नायकों को एक सम्मानजनक विशेषाधिकार प्राप्त था। कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव (पीवीसी), कैप्टन संजय कुमार (पीवीसी), मेजर जनरल सीए पिठावाला (सेवानिवृत्त, अशोक चक्र), और कर्नल डी श्री राम कुमार (अशोक चक्र) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परमवीर चक्र युद्ध के दौरान असाधारण वीरता के लिए और अशोक चक्र अन्य परिस्थितियों में सर्वोच्च बलिदान के लिए भारत के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार हैं।
जर्मन की ओर से मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस मौके पर कहा कि गणतंत्र दिवस परेड की मेजबानी करना उनके लिए “जीवन भर का सम्मान” है। उन्होंने जोर देकर कहा, “एक सफल भारत विश्व को अधिक स्थिर, समृद्ध और सुरक्षित बनाता है, और हम सभी को इससे लाभ होता है।”
कर्तव्य पथ पर 77वीं गणतंत्र दिवस परेड ने भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प का जीवंत प्रदर्शन किया। इस भव्य आयोजन में आधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म, स्वदेशी मिसाइल प्रणालियां, बख्तरबंद वाहन और तोपें शामिल थीं, जो देश की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता को रेखांकित करती हैं। परेड की ख़ास बात सुविधा मेजर ऑनर कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव और कैप्टन संजय कुमार सहित वीर सैनिकों की विशेष उपस्थिति और आसमान में वायुसेना की दमदार फॉर्मेशन थी, जिसने इस समारोह को प्रभावशाली बना दिया।
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