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नागपुर के गढ़ में बीजेपी का ‘सैल्यूट’! शुरुआती रुझानों में RSS के गढ़ पर बीजेपी का परचम
महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों की मतगणना शुक्रवार को जैसे-जैसे आगे बढ़ी, देश की सियासी निगाहें अब आरएसएस के गढ़ ‘नागपुर’ पर टिक गई हैं। 151 वार्डों वाले इस सियासी मोर्चे पर बीजेपी शुरुआती रुझानों में मजबूत पकड़ बनाती हुई नजर आ रही है।
शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और एनसीपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही बीजेपी शहर में बाकी दलों से काफी आगे निकलती दिख रही है। वहीं, कांग्रेस इस दौड़ में काफी पीछे नजर आ रही है। महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन का कोई भी अन्य निर्वाचन क्षेत्र अभी तक मतगणना में दो अंकों का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है।
क्या है शुरुआती गणित?
लगभग दो घंटे की मतगणना के बाद का समीकरण कुछ यूं बन रहा है:
- बीजेपी: 151 में से 78 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
- कांग्रेस: 26 सीटों पर आगे चल रही है।
- अन्य: बाकी सीटों पर बाकी दलों के बीच कड़ी टक्कर है।
विवाद के बीच मतदान
इस चुनाव ने मतदान के दौरान ही सुर्खियां बटोरी थीं। 51% मतदान दर्ज किए गए, जिसमें सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जैसे बड़े नेताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। हालांकि, मतदान के दौरान इस्तेमाल की गई "अमिट" स्याही को लेकर शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के नेताओं ने सवाल उठाए। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने दावा किया कि यह स्याही आसानी से मिटाई जा सकती है, जिससे पारदर्शिता पर सवालिया निशान लग गया।
चुनाव आयोग का कड़ा रुख
इन सभी आरोपों को राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने बेबुनियाद बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयुक्त डीटी वाघमारे ने स्पष्ट किया कि इस्तेमाल की गई स्याही उच्च गुणवत्ता वाली है और इसे मिटाना लगभग असंभव है। उन्होंने इसे जानबूझकर भ्रम पैदा करने की कोशिश करार दिया और कहा कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रही है।
लोकतंत्र के पर्व का महत्व
यह चुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि नागपुर की जनसंख्या (2011 के आंकड़ों के अनुसार लगभग 24 लाख) में अनुसूचित जाति और जनजाति का प्रभाव है। साथ ही, 76 महिला आरक्षित सीटों के कारण इस चुनाव ने लैंगिक समानता का एक अच्छा उदाहरण पेश किया है।
इस तरह, शुरुआती रुझान बता रहे हैं कि महाराष्ट्र के इस सियासी घमासान में बीजेपी ने नागपुर जैसे अहम शहर पर अपनी स्थिति मजबूत करने में कामयाबी हासिल की है।
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