MP News: सीधी के सरकारी स्कूल में शराब के नशे में पहुंचा शिक्षक, वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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MP News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के नशे की हालत में पहुंचने का मामला सामने आया है। छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल परिसर में शराब की बोतल के साथ वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।

स्कूल में शराब की बोतल लेकर पहुंचने का आरोप

मामला सिहावल ब्लॉक के दिहुली नंबर 4 गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय का है। यहां सहायक शिक्षक दिनेश प्रसाद कोल के शराब के नशे में स्कूल आने की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार उन्हें नशे की हालत में देखा गया और ठीक से खड़े होने में भी परेशानी होती थी।

एक ग्रामीण ने शिक्षक को स्कूल परिसर में शराब की बोतल के साथ देखा और उनका वीडियो बना लिया। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो वायरल होते ही जागा शिक्षा विभाग

गुरुवार को वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल पहुंचे। स्कूल स्टाफ के अनुसार, निरीक्षण के दौरान ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर ने भी शिक्षक को कथित तौर पर नशे की हालत में पाया।

मामला सामने आने के कुछ ही समय बाद सीधी कलेक्टर ने शिक्षक के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि पहले की शिकायतों पर समय रहते कदम क्यों नहीं उठाया गया।

छात्रों और अभिभावकों ने पहले भी की थी शिकायत

स्कूल से जुड़े लोगों का कहना है कि शिक्षक के व्यवहार को लेकर छात्र और उनके अभिभावक कई बार शिकायत कर चुके थे। अभिभावकों ने शिक्षक से शराब पीने की आदत को लेकर सवाल भी किए थे। उनके सहकर्मियों ने भी कथित तौर पर लंबे समय तक उन्हें अपनी आदत सुधारने की सलाह दी।

इसके बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं आया। आरोप है कि अभिभावकों से सवाल किए जाने पर शिक्षक बहस करते थे, जिससे स्कूल का माहौल प्रभावित होता था।

एक शिक्षक पर बढ़ गया पूरा काम का बोझ

स्कूल में तैनात दूसरे शिक्षक अशोक शर्मा ने बताया कि वह एक दशक से अधिक समय से वहां कार्यरत हैं। उनके अनुसार, दिनेश प्रसाद कोल की नियुक्ति वर्ष 2008 में हुई थी। उनके नशे की आदत के कारण पढ़ाई से जुड़ा अतिरिक्त काम दूसरे शिक्षकों पर पड़ता रहा।

शर्मा के मुताबिक, उन्होंने कई बार कोल को शराब छोड़ने और अपनी आदत बदलने के लिए समझाया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ।

125 से घटकर 28 रह गया नामांकन

अशोक शर्मा ने स्कूल की बदलती स्थिति का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, एक समय इस सरकारी स्कूल में करीब 125 बच्चे पढ़ते थे, लेकिन अब विद्यार्थियों की संख्या घटकर केवल 28 रह गई है।

उन्होंने बताया कि शिक्षक के व्यवहार और पढ़ाई के प्रति कथित लापरवाही को लेकर अभिभावकों में नाराजगी थी। उन्हें कई बार अभिभावकों से यह अपील करनी पड़ती थी कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद न करें।

वायरल वीडियो ने उठाए बड़े सवाल

यह मामला केवल एक शिक्षक के निलंबन तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि यदि छात्रों, अभिभावकों और सहकर्मियों की शिकायतें पहले से मौजूद थीं, तो कार्रवाई के लिए सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का इंतजार क्यों किया गया?

सरकारी स्कूलों में शिक्षक बच्चों के लिए जिम्मेदारी और भरोसे का चेहरा होते हैं। ऐसे में नशे की हालत में स्कूल पहुंचने जैसी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई जरूरी है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के माहौल पर इसका असर न पड़े।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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