नई दिल्ली: दिल्ली में हालिया विरोध प्रदर्शनों को लेकर दाखिल 22 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने चुनाव आयोग, दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी कोर्ट को डरा-धमका नहीं सकता।”
मामले में SIR, प्रदर्शन के अधिकार, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने, पुलिस कार्रवाई और महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी जैसे मुद्दे उठे।
कोर्ट में आज क्या-क्या हुआ? 10 बड़े पॉइंट्स
1. चुनाव आयोग को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने विपक्षी नेताओं की ओर से दाखिल याचिका पर चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी को नोटिस जारी किया।
2. महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी पर गंभीर रुख
प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ पुलिस की कथित मारपीट और बदसलूकी के आरोपों पर कोर्ट ने गंभीरता दिखाई। कोर्ट ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित करने का संकेत दिया और वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह से जरूरी दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में पेश करने को कहा।
3. राहुल गांधी और अन्य नेताओं को नोटिस
SIR से जुड़े विरोध प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के मामले में राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को नोटिस जारी किया गया। कोर्ट ने साफ कहा कि न्यायपालिका पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जा सकता।
4. सुप्रीम कोर्ट परिसर में प्रदर्शन पर सवाल
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट परिसर में राजनीतिक नारेबाजी और जुलूस का मुद्दा भी उठा। वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने इसे न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश बताया। इसी संदर्भ में CJI ने कहा कि कोई भी न्यायपालिका को डरा-धमका नहीं सकता।
5. पत्रकार की पहचान को लेकर बहस
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल फोन रखने वाला व्यक्ति खुद को पत्रकार बता सकता है और सोशल मीडिया पर रील अपलोड कर सकता है। इस पर कोर्ट ने पत्रकारों की सुरक्षा और उनकी पहचान से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान दिया।
6. CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को प्रदर्शन से जुड़े सभी CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के फैसले को लेकर भी सरकार से सवाल पूछे गए।
7. महिला पत्रकार की गिरफ्तारी पर रोक
सुनवाई के दौरान CJI ने कहा कि संबंधित महिला पत्रकार को गिरफ्तार न किया जाए। सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि यदि वह जांच में शामिल होती हैं तो उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
8. ‘हर आवाज कीमती है’
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालत के सामने हर आवाज महत्वपूर्ण है और सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी। कोर्ट ने गृह मंत्रालय, दिल्ली मेट्रो और दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल हलफनामों का भी संज्ञान लिया।
9. कई मामलों में नोटिस जारी
SIR, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिकाओं, मेट्रो सेवाओं में रोक, पुलिस कार्रवाई, जंतर-मंतर से जुड़े विवाद और विपक्षी नेताओं के सुप्रीम कोर्ट मार्च से संबंधित मामलों में विभिन्न पक्षों को नोटिस जारी किए गए।
10. अगली सुनवाई की तारीख अभी स्पष्ट नहीं
गुरुवार की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अगली तारीख की घोषणा नहीं की। सभी पक्षों के जवाब मिलने के बाद मामलों पर आगे सुनवाई होगी। SIR से जुड़े मामलों की सुनवाई एक साथ और प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई अलग किए जाने की संभावना है।
निष्कर्ष
दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने एक तरफ प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े सवालों को महत्व दिया, वहीं दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था और न्यायपालिका की गरिमा को भी अहम बताया। अब संबंधित पक्षों के जवाब और अदालत के लिखित आदेश से आगे की तस्वीर साफ होगी।
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