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रेल सुरक्षा में ‘मिशन मोड’: उत्तरी रेलवे का बड़ा एक्शन, रात 12 से सुबह 4 तक चला विशेष अभियान
नई दिल्ली: उत्तर रेलवे ने अपने यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक और सख्त अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने चल रहे सुरक्षा अभियानों को गति देते हुए कई डिवीजनों में बड़े पैमाने पर रात्रि निरीक्षण का आयोजन किया। यह निरीक्षण रात 12 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक सरप्राइज (औचक) यानी बिना पहले सूचना दिए गए, ताकि मौके की सच्चाई सामने आ सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य परिचालन तत्परता (Operational Readiness), कोहरे के खिलाफ विशेष तैयारी और समग्र रेल सुरक्षा में व्यापक सुधार लाना है।
दिसंबर में हुए 618 रात्रि निरीक्षण
ताजा जानकारी के अनुसार, पिछले माह यानी दिसंबर के दौरान उत्तर रेलवे के विभिन्न मंडलों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कुल 618 रात्रिकालीन निरीक्षण किए गए। यह एक बड़ी संख्या है जो रेलवे की गंभीरता को दर्शाती है। इस अभियान की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
- मुख्यालय (HQ): 48 निरीक्षण
- दिल्ली मंडल: 93 निरीक्षण
- लखनऊ मंडल: 131 निरीक्षण
- फिरोजपुर मंडल: 190 निरीक्षण (सबसे अधिक)
- जम्मू मंडल: 23 निरीक्षण
- मुरादाबाद मंडल: 131 निरीक्षण
निरीक्षण के दायरे में क्या-क्या आया?
इस विशेष रात्रि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम ने बड़े स्टेशनों, प्रमुख ट्रैक, यार्ड और ऑपरेशनल इंस्टॉलेशन का मुआयना किया। सुरक्षा के हर पहलू को परखा गया, जिसमें शामिल हैं:
- सिग्नलिंग और इंटरलॉकिंग: सिग्नल सिस्टम और उनके काम करने की मौके पर जांच।
- ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर: ट्रैक की स्थिति, पॉइंट्स और क्रॉसिंग्स का बारीकी से निरीक्षण।
- हैंडओवर और टेकओवर: शिफ्ट बदलने के दौरान ड्यूटी हैंडओवर प्रक्रियाओं की समीक्षा।
- स्टाफ की तत्परता: ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों की मुस्तैदी और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन।
- कोहरे की तैयारी: सर्दियों में घने कोहरे को देखते हुए सेफ्टी उपकरणों और योजनाओं का जायजा।
अधिकारियों ने कर्मचारियों को दिए ये निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से सीधी बातचीत भी की। उन्हें स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि वे अपने कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह सजग रहें और समयपालन का सख्ती से पालन करें। रेल संरक्षा के नियमों को तोड़ने पर कोई भी ढिलाई नहीं बरती जाएगी, इस बात पर भी बल दिया गया।
रेलवे की प्रतिबद्धता
यह पूरी कवायद उत्तर रेलवे की नियमित मॉनिटरिंग प्रणाली का हिस्सा है। इसका मकसद सिर्फ खामियां ढूंढना ही नहीं, बल्कि रेलवे परिचालन प्रणाली को लगातार बेहतर बनाना और सुरक्षा को बुनियादी तौर पर मजबूत करना है। उत्तर रेलवे ने साफ किया है कि वह अपने यात्रियों की सुरक्षित यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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