नयी दिल्ली, तीन नवंबर—ओमान के लिमाह के पास सोमवार शाम एक वाणिज्यिक पोत पर हुए भीषण हमले में एक भारतीय नाविक की जान चली गई है। भारत ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है और पश्चिम एशिया में सुलगते तनाव को तत्काल थामने की अपनी मांग को एक बार फिर पुरजोर तरीके से उठाया है। इस ताजा त्रासदी के साथ ही, फरवरी में इस क्षेत्र में संघर्ष भड़कने के बाद से अब तक जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों का आंकड़ा बढ़कर 23 हो गया है, जिनमें 15 साहसी भारतीय नाविक भी शामिल हैं।
समुद्र के बीच जहाज पर हुए इस खौफनाक हमले पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए, नयी दिल्ली ने पश्चिम एशिया के इस सुलगते संघर्ष का कूटनीतिक हल निकालने के लिए जारी वार्ताओं को जल्द मुकाम तक पहुंचाने पर जोर दिया है, ताकि इस अशांत क्षेत्र में एक बार फिर शांति और स्थिरता की बहाली हो सके। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को सनसनीखेज खुलासे करते हुए बताया कि ‘एमएसवी अल यूसुफी’ नाम के इस बदकिस्मत जहाज पर कुल 14 भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से 13 जांबाजों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मंत्रालय ने अपने बयान में दो टूक कहा, “हम ओमान के लिमाह के पास कल शाम वाणिज्यिक जहाज ‘एमएसवी अल यूसुफी’ पर हुए इस जघन्य हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।”
जहाज पर सवार 14 भारतीय नागरिकों में से 13 की जान तो बचा ली गई, लेकिन एक भारतीय नागरिक गंभीर जख्मों की ताब न लाते हुए दम तोड़ बैठा। विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि मस्कट स्थित भारतीय दूतावास पल-पल की स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। दूतावास सुरक्षित बचाए गए नागरिकों की जल्द से जल्द स्वदेश वापसी और वीरगति को प्राप्त नाविक के पार्थिव शरीर को सम्मान के साथ भारत लाने के लिए ओमान के शीर्ष अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठा रहा है। भारत ने चिंता जताते हुए कहा है कि इस सुलगते क्षेत्र में मालवाहक और वाणिज्यिक जहाजों पर मंडराता हमलों का यह खतरा बेहद चिंताजनक मोड़ ले चुका है।
मंत्रालय ने बेबाक अंदाज में कहा, “हम क्षेत्र में तनाव को तुरंत कम करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में जारी वार्ताओं को पूरा करने की अपनी पुरजोर अपील दोहराते हैं, ताकि इस इलाके में स्थायी शांति और स्थिरता लौट सके।” बयान में आगे चेतावनी दी गई कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का यह खूनी खेल अब थमना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से बिना किसी बाधा के नौवहन और व्यापार को फौरन बहाल किया जाना वक्त की सबसे बड़ी मांग है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक तीखी प्रेसवार्ता में खुलासा किया कि पश्चिम एशिया के इस खूनी संघर्ष में अब तक 23 बेकसूर भारतीय नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में जारी इस कोहराम में हमने अब तक 23 अमूल्य भारतीय नागरिकों को खो दिया है, जिनमें से 15 अकेले हमारे वीर भारतीय नाविक थे।’’
रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े एक तीखे सवाल के जवाब में जायसवाल ने बताया कि काला सागर क्षेत्र में हुए हमलों की चपेट में आने से अब तक पांच भारतीयों की भी मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में इस संकट की शुरुआत इसी साल फरवरी में हुई थी, जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे।
नयी दिल्ली लगातार इस बात पर अडिग रही है कि इस विकट संघर्ष का एकमात्र स्थायी समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के मेज पर ही निकल सकता है। पश्चिम एशिया में तनाव का पारा तब अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब हूतियों ने सऊदी अरब पर ताबड़तोड़ कई खतरनाक हमले कर दिए। भारत ने सऊदी अरब के नागरिक बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाने वाले इन हूती हमलों को लेकर अपनी गहरी और गंभीर चिंता जाहिर की है।
भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस तरह की आक्रामक हरकतें क्षेत्रीय स्थिरता की नींव को कमजोर करती हैं और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से होने वाले आवागमन की स्वतंत्रता के लिए एक बहुत बड़ा खतरा पैदा कर रही हैं।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
