तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की योजना गुजरात के गांधार तेल क्षेत्र के खाली हो चुके कुओं में कार्बन डाइऑक्साइड का भंडारण करने की है। यह कंपनी के पहले पूर्ण स्तर के कार्बन संग्रहण एवं भंडारण (सीसीएस) पायलट और इसकी अकार्बनीकरण रणनीति में एक बड़ा कदम है।
अधिकारियों ने कहा कि इस पायलट परियोजना में दो छोड़े गए तटवर्ती कुओं का उपयोग किया जाएगा, ताकि उप-सतही हाइड्रोकार्बन जलाशयों में प्रतिदिन लगभग 100 टन कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) का भंडारण किया जा सके।
सीओ2 को दहेज क्षेत्र के नजदीकी औद्योगिक स्रोतों के साथ ही ओएनजीसी के अपने हजीरा संयंत्र से लिया जाएगा और गांधार के कुओं तक पहुंचाया जाएगा। इसे वायुमंडल में प्रवेश करने से रोकने के लिए जमीन के नीचे जमा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए सीओ2 के उपयोग का परीक्षण करना भी है, जिससे संभावित रूप से हानिकारक ग्रीनहाउस गैस को एक उत्पादक संसाधन में बदला जा सकता है।
ओएनजीसी ने इससे पहले कुएं में भंडारण के लिए लगभग 80 किमी दूर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की कोयली रिफाइनरी से सीओ2 हासिल की थी।
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