केरल की राजनीति में एक चमकता सितारा माना जा रहा चेहरा आज किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म के विलेन की तरह सुर्खियों में है। पलक्कड़ से विधायक राहुल ममकूटथिल, जिनकी वाकपटुता के कायल कई लोग थे, अब कानून के शिकंजे में बुरी तरह फंस चुके हैं। 10 जनवरी की देर रात जब दुनिया सो रही थी, तब पलक्कड़ के केपीएम रीजेंसी होटल में पुलिस ने दस्तक दी और राहुल को हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही उनके खिलाफ चल रही यौन उत्पीड़न की जांच ने एक ऐसा भयावह मोड़ लिया, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। अब एक तीसरी महिला सामने आई है, जिसके आरोपों ने राहुल के राजनीतिक करियर पर गहरे काले बादल मँडरा दिए हैं।
यह महिला, जो मूल रूप से पथनमथिट्टा की रहने वाली है और वर्तमान में कनाडा में कार्यरत है, ने राहुल पर रेप, जबरन गर्भपात और आर्थिक शोषण जैसे रूह कँपा देने वाले आरोप लगाए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, राहुल को रात करीब 12.30 बजे हिरासत में लेकर पथनमथिट्टा ले जाया गया, जहाँ रविवार सुबह उन्हें पुलिस कैंप में रखा गया। अब मजिस्ट्रेट के सामने उनकी पेशी और औपचारिक गिरफ्तारी की तैयारी जोरों पर है।
तीसरी शिकायत: विश्वासघात और क्रूरता की दास्तां
राहुल ममकूटथिल के लिए मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब इस नई शिकायत में पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई। महिला के मुताबिक, राहुल से उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए उस दौर में हुई थी जब वह अपने वैवाहिक जीवन में परेशानियों से जूझ रही थी। सहानुभूति के नाम पर शुरू हुई यह बातचीत जल्द ही शादी के वादे में बदल गई। आरोप है कि राहुल ने उसे अपनी पहली शादी तोड़ने के लिए उकसाया और यहाँ तक कहा कि अगर उनका बच्चा होगा, तो समाज और परिवार उनकी शादी को जल्दी स्वीकार कर लेगा।
होटल का वो कमरा और धोखे का जाल
महिला ने बताया कि राहुल अपनी ‘पब्लिक इमेज’ को लेकर बेहद सतर्क थे, इसलिए उन्होंने कभी सार्वजनिक स्थान पर मिलने की हिम्मत नहीं दिखाई। उन्होंने महिला से ही पलक्कड़ के एक होटल में कमरा बुक करवाया। शिकायत के अनुसार, जैसे ही महिला कमरे में पहुँची, राहुल का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। बिना किसी संवाद के, राहुल ने उन पर हमला किया और उनके साथ बेरहमी से यौन शोषण किया।
केसों की हैट्रिक और कांग्रेस से विदाई
राहुल ममकूटथिल के लिए यह कोई पहला मामला नहीं है। वह पहले से ही दो अन्य यौन उत्पीड़न के मामलों में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। एक मामले में उन्हें केरल हाई कोर्ट से राहत मिली थी, तो दूसरे में तिरुवनंतपुरम सत्र अदालत ने अग्रिम जमानत दी थी। लेकिन जैसे-जैसे आरोपों की फेहरिस्त लंबी होती गई, कांग्रेस ने भी उनसे किनारा कर लिया और उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया। अब इस तीसरे मामले ने उनकी बची-कुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है।
अर्श से फर्श तक: एक उभरते नेता का पतन
कुछ समय पहले तक राहुल ममकूटथिल केरल कांग्रेस के ‘पोस्टर बॉय’ थे। नवंबर 2024 के उपचुनाव में उन्होंने भाजपा को 18,840 वोटों के बड़े अंतर से मात देकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई थी। सेंट स्टीफेंस जैसे प्रतिष्ठित कॉलेज से शिक्षा, इतिहास में विशेषज्ञता और एमजी यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रहे राहुल अपनी आक्रामक टीवी डिबेट्स के लिए जाने जाते थे। लेकिन आज वही युवा जोश पार्टी के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है।
मानहानि केस में अन्य नेताओं को राहत
इसी प्रकरण से जुड़े एक ऑनलाइन मानहानि मामले में कांग्रेस नेताओं संदीप वारियर और रंजीता पुलिक्कन को तिरुवनंतपुरम की अदालत से राहत मिली है। साइबर पुलिस की कार्रवाई के बीच अदालत ने तथ्यों के आधार पर उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है।
कौन हैं राहुल ममकूटथिल?
राहुल बी.आर., जिन्हें राजनीति में राहुल ममकूटथिल के नाम से जाना जाता है, ने केरल स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) से अपने सफर की शुरुआत की थी। एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद तक पहुँचने वाले राहुल का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी काफी शानदार रहा है। राजनीति के साथ-साथ उनके व्यावसायिक हित भी काफी फैले हुए हैं, जिनमें ब्यूटी पार्लर से लेकर मेडिकल शॉप और गारमेंट्स का बिजनेस शामिल है।
आगे क्या?
पुलिस का दावा है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं और जांच पूरी निष्पक्षता से चल रही है। राहुल ममकूटथिल की गिरफ्तारी ने न केवल केरल की राजनीति में भूचाल ला दिया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि सत्ता और रसूख की चमक कानून की आँखों में धूल नहीं झोंक सकती। जो नेता कभी भविष्य का मुख्यमंत्री माना जा रहा था, आज वह सलाखों के पीछे अपने किए का हिसाब देने को मजबूर है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
