प्रधानमंत्री मोदी की मेगा-सौगात: पाँच राज्यों का तूफानी दौरा, पूर्वोत्तर में विकास की नई इबारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से पाँच राज्यों के एक महत्वपूर्ण दौरे पर निकल पड़े हैं, जिसकी शुरुआत पूर्वोत्तर के मिजोरम से हुई। इस यात्रा में वे करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात दे रहे हैं, जिसका उद्देश्य इन राज्यों में प्रगति की नई गाथा लिखना है। मिजोरम को 9 हजार करोड़ और मणिपुर को 8500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उपहार मिलने जा रहा है। मिजोरम के बाद पीएम मोदी मणिपुर पहुँचे, और आज शाम वे असम का भी दौरा करेंगे। इसके बाद उनकी यात्रा का पड़ाव पश्चिम बंगाल और बिहार की ओर रुख करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि वे चुराचांदपुर और इंफाल में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे, और “हम मणिपुर के समावेशी और सर्वांगीण विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” इस दौरान सड़क परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों, और महिला छात्रावासों जैसी महत्वपूर्ण आधारशिलाएँ रखी जाएँगी। साथ ही, मंत्रिपुखरी में नागरिक सचिवालय, एक अत्याधुनिक आईटी एसईजेड भवन, और नया पुलिस मुख्यालय जैसी प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन भी होगा। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जिलों में महिलाओं के लिए एक अनूठा बाज़ार भी राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा।
मौसम की चुनौतियाँ और दृढ़ संकल्प
मोदी का मणिपुर दौरा: जातीय हिंसा के बाद पहली बार, शांति और प्रगति का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इम्फाल आगमन शनिवार को हुआ, जो मई 2023 में भयावह जातीय हिंसा भड़कने के बाद राज्य की उनकी पहली यात्रा है। इम्फाल हवाई अड्डे पर, राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। इस दौरान इम्फाल में मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के कारण प्रधानमंत्री को चुराचांदपुर पहुँचने के लिए सड़क मार्ग अपनाना पड़ा, जो उनकी दृढ़ता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने प्रधानमंत्री के इस दौरे को मणिपुर को शांति और प्रगति की राह पर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
विपक्षी दल की मिली-जुली प्रतिक्रिया: जॉन ब्रिटास ने किया पहल का समर्थन, लेकिन जताई देरी पर चिंता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे पर माकपा सांसद जॉन ब्रिटास की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम, विपक्षी दल, हमेशा से यह माँग करते रहे हैं कि प्रधानमंत्री को सभी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए मणिपुर जाना चाहिए, ताकि राज्य में शांति और सौहार्द बहाल हो सके।” उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि पिछले दो सालों से उनकी बात अनसुनी की जाती रही, यहाँ तक कि संसद में इस पर पूर्ण चर्चा के अनुरोध को भी अस्वीकार कर दिया गया। ब्रिटास ने आगे कहा, “कम से कम अब वह मणिपुर जा रहे हैं, हालाँकि हमें लगता है कि अब बहुत देर हो चुकी है।” इसके बावजूद, उन्होंने इस पहल का समर्थन करते हुए उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री सभी संगठनों को एक साथ लाएंगे और राज्य में विश्वास एवं भरोसा बहाल करेंगे।
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