वह रतलाम की शांत चिकलाना गांव की रात, जब पुलिस की एक खामोश फौज ने इलाके को घेर लिया। समय रात के साढ़े दो बजे का था। चारों तरफ सन्नाटा था, लेकिन अंदर चल रहा था मौत का एक ऐसा कारोबार, जिसने पुलिस के होश भी उड़ा दिए। यह सिर्फ एक छापा नहीं था; यह तो नशे, सियासत और संगठित अपराध के खतरनाक त्रिकोण का भंडाफोड़ था।
राजनीतिक रसूख और नशे का काला साम्राज्य
यह मामला महज एक अवैध फैक्ट्री का खुलासा नहीं है, बल्कि यह सवाल खड़े करता है कि आखिर राजनीतिक बुलंदी की आड़ में किस तरह के गोरखधंधे चल रहे हैं? चिकलाना गांव में जिस मकान की दीवारों के पीछे यह गंदगी छुपी थी, वह मालिकाना हक दिलावर खान पठान का बताया जा रहा है। दिलावर कोई आम चेहरा नहीं है; वह आजाद समाज पार्टी से जुड़ा रहा है और सांसद चंद्रशेखर आजाद का करीबी माना जाता है। मध्य प्रदेश की जावरा विधानसभा सीट से 2023 का चुनाव लड़ चुके दिलावर अब प्रदेश के सबसे बड़े ड्रग्स स्कैंडल में मुख्य आरोपी बनकर उभरे हैं।
बोरियों में भरी थी मौत, हथियारों का जखीरा भी मिला
जब पुलिस टीम अंदर दाखिल हुई तो दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था। यहां धंधा छोटे स्तर का नहीं, बल्कि एक बड़े कॉर्पोरेट की तरह संचालित हो रहा था। मौके से 10 किलो से अधिक एमडी ड्रग (MD Drug) बरामद हुई। इसकी कालाबाजारी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है। लेकिन इतना ही काफी नहीं था।
वहां से बरामद सामान ने इसे सिर्फ नशे का अड्डा नहीं, बल्कि गैर-कानूनी हथियारों और वन्यजीव अपराध का भी गढ़ बता दिया:
- करीब 3 करोड़ रुपये कीमत का केमिकल।
- 12 बोर की बंदूक और 91 जिंदा कारतूस।
- दो मोर (वन्यजीव अपराध की आशंका)।
- भारी मात्रा में चंदन की लकड़ियां।
यह सब देखकर साफ हो गया कि यह एक संगठित गिरोह था, जो अलग-अलग राज्यों में इस "मौत के सामान" की सप्लाई कर रहा था।
गोपनीयता के साथ ऑपरेशन: न अफसरों को पता, न स्थानीय पुलिस को
इस पूरी कार्रवाई को इतनी गोपनीयता से अंजाम दिया गया कि हवा भी नहीं लगी। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर एएसपी राकेश खाखा, ग्रामीण एएसपी विवेक कुमार लाल और जावरा एसडीओपी संदीप मालवीय के नेतृत्व में टीम सीधे गांव में पहुंची।
खास बात यह रही कि घर के भीतर दिलावर का परिवार भी मौजूद था, लेकिन किसी को बाहर आने की इजाजत नहीं थी। एक-एक कर 16 लोगों को हिरासत में लिया गया। स्थानीय पुलिसकर्मी भी इस कार्रवाई से अनजान थे, जिससे साबित होता है कि अफसरों को किसी लीक होने का डर था।
आगे क्या? सियासत के गलियारों में हलचल तेज
अब यह मामला सिर्फ पुलिस थाने तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह राजनीतिक गलियारों में भी तूल पकड़ चुका है। सवाल यह है कि जिस तरह से राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल इस धंधे में हो रहा था, क्या इसकी तार और बड़े चेहरों से जुड़ी हैं?
पुलिस ने शुरुआती जांच में पूछताछ शुरू कर दी है। अब तक के सुराग बेहद चौंकाने वाले हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही ड्रग्स की सप्लाई चेन, फंडिंग और राजनीतिक कनेक्शन से पर्दा उठेगा।
सारांश (English Summary):
रतलाम में मिली एमडी ड्रग फैक्ट्री ने राजनीति और अपराध के मिले होने की पोल खोली है। आजाद समाज पार्टी के नेता और सांसद चंद्रशेखर आजाद के करीबी दिलावर खान पठान के घर से मिली भारी मात्रा में ड्रग्स, हथियार और केमिकल इस बात की गवाही दे रहे हैं कि यह एक बड़ा संगठित नेटवर्क था। पुलिस की गोपनीय कार्रवाई से कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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