जामिया मिल्लिया इस्लामिया में मेस के खाने की गुणवत्ता को लेकर विवाद अब और बढ़ गया है। J&K गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं के विरोध के अगले दिन जामिया स्कूल के सैकड़ों छात्र भी कुलपति कार्यालय के बाहर पहुंचे। स्कूल हॉस्टल के भोजन में छिपकली मिलने की घटना के बाद छात्रों ने साफ भोजन और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग उठाई।
VC ऑफिस के बाहर छात्रों का प्रदर्शन
12 सितंबर को जामिया स्कूल के सैकड़ों छात्रों के कुलपति कार्यालय के बाहर जुटने से कैंपस में चल रहा भोजन विवाद और बड़ा हो गया। छात्रों की नाराजगी स्कूल हॉस्टल के खाने में छिपकली मिलने की घटना को लेकर सामने आई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने सुरक्षित और साफ भोजन उपलब्ध कराने के साथ जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
J&K गर्ल्स हॉस्टल में पहले से जारी है विरोध
इससे एक दिन पहले, 11 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे J&K गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने मेस व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता को लेकर दोबारा प्रदर्शन शुरू किया था। AISA JMI ने आंदोलन को समर्थन दिया। संगठन का दावा है कि पिछले विरोध के दौरान प्रशासन ने कुछ मांगों को लिखित रूप से स्वीकार किया था, लेकिन बाद में उन पर प्रभावी अमल नहीं हुआ।
AISA के मुताबिक, 11 सितंबर को हॉस्टल में सुबह नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया गया और दोपहर का खाना भी निर्धारित समय पर नहीं मिला। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि भोजन लेने के लिए छात्राओं से नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करने को कहा गया, जिस पर छात्राओं ने आपत्ति जताई।
फूड वेंडर को लेकर भी सवाल
छात्राओं का मुख्य आरोप संबंधित फूड वेंडर को लेकर है। AISA का दावा है कि जिस वेंडर को हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है, उसे हटाने के बजाय नाम बदलकर दोबारा भोजन आपूर्ति का काम दिया गया। संगठन के अनुसार, यह वेंडर 2023 से J&K गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा रहा है।
प्रदर्शनकारियों पर दबाव का आरोप
AISA ने प्रदर्शन में शामिल और मीडिया के सामने अपनी बात रखने वाली कुछ छात्राओं को कथित तौर पर प्रशासनिक स्तर पर परेशान किए जाने का भी आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि छात्रों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाना उचित नहीं है।
संगठन ने Centenary Gate की लाइट बंद किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए और इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन से निपटने का अनुचित तरीका बताया।
छात्राओं ने रखीं चार प्रमुख मांगें
J&K गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने मौजूदा फूड वेंडर का ठेका रद्द करने, मेस में केवल महिला कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने, Provost और Warden के इस्तीफे तथा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी तरह की witch hunting या प्रशासनिक टारगेटिंग नहीं किए जाने की मांग रखी है।
साफ भोजन और जवाबदेही पर बढ़ी नजर
जामिया में लगातार सामने आ रहे विरोध प्रदर्शनों ने हॉस्टल और स्कूल मेस की व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। एक तरफ गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं वेंडर और मेस संचालन को लेकर शिकायतें उठा रही हैं, वहीं स्कूल के छात्र भोजन में छिपकली मिलने की घटना के बाद नाराज हैं। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और छात्रों की मांगों का समाधान किस तरह किया जाता है।
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