भारत-रूस संबंधों में नया अध्याय: आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी पर जोर
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और रूस के प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मेंटुरोव के बीच हुई मुलाकात ने भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम का संकेत दिया है। इस बैठक में निवेश, बैंकिंग और वित्त सहित आपसी हित के विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जिसने दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खोले हैं।
वित्त मंत्रालय द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, दोनों देशों को 5 दिसंबर, 2025 को होने वाले 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन से मजबूत परिणामों की उम्मीद है। यह शिखर सम्मेलन न केवल दो देशों के बीच मौजूदा साझेदारी को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य के लिए एक स्पष्ट दिशा भी प्रदान करेगा।
रूस के प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मेंटुरोव ने ब्रिक्स समूह की आगामी अध्यक्षता के लिए भारत को अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया, जो वैश्विक मंच पर दोनों देशों के बढ़ते समन्वय को दर्शाता है।
पुतिन का भारत आगमन: आठ दशक पुरानी दोस्ती का उत्सव
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरुवार शाम भारत आगमन ने इस कूटनीतिक पहल को और बल दिया है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 23वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह यात्रा लगभग आठ दशक पुरानी भारत-रूस साझेदारी को और गहरा करने के उद्देश्य से की जा रही है, जो भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद अटूट बनी हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। शुक्रवार को होने वाली शिखर वार्ता से पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार शाम को राष्ट्रपति पुतिन के लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया, जो दोनों नेताओं के बीच बेहतर माहौल बनाने और महत्वपूर्ण मुद्दों पर अनौपचारिक चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था।
रक्षा, व्यापार और ऊर्जा: भावी सहयोग के मुख्य स्तंभ
दोनों नेताओं के बीच चर्चा का मुख्य केंद्र रक्षा संबंधों को और मजबूत करना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबावों से सुरक्षित रखना और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों (Small Modular Reactors) के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं की पड़ताल करना रहा। पश्चिमी देशों द्वारा इस बैठक पर करीबी नजर रखी जा रही है, खासकर भारत-अमेरिका संबंधों में आए हालिया बदलावों की पृष्ठभूमि में।
यह लगभग 27 घंटे की यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के तेजी से विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बीच हो रही है। बैठक के बाद, दोनों देशों के बीच व्यापार के विभिन्न क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयां देंगे।
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