‘सेवा तीर्थ’: पीएमओ के नए नाम से देश के विकास की नई उड़ान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखने को भारत के विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने इस नामकरण को देश को हर क्षेत्र में श्रेष्ठ बनाने के संकल्प के साथ जोड़ा।
शाह ने ‘एक्स’ पर अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा, “पिछले 11 वर्षों से मोदी सरकार ने सत्ता का नहीं, बल्कि सेवा का प्रतीक बनकर काम किया है। हमारे प्रधानसेवक (प्रधानमंत्री) स्वयं को जनता का सेवक मानते हुए, दिन-रात देश की सेवा में लगे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “इसी सेवा भाव को दृढ़ करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया है। इसके साथ ही, राजभवन और राज निवास जैसे महत्वपूर्ण स्थानों का नाम बदलकर लोकभवन और लोक निवास कर दिया गया है, जो जनता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
शाह के अनुसार, “यह कदम सेवा और सुशासन को सर्वोपरि रखते हुए, एक विकसित और हर क्षेत्र में उत्कृष्ट भारत के निर्माण की सुनहरी यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।”
मंगलवार को अधिकारियों ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर को अब ‘सेवा तीर्थ’ के नाम से जाना जाएगा। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत निर्मित यह परिसर निर्माण के अंतिम चरण में है। इसे पहले ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के नाम से जाना जाता था। इस नए परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय के अतिरिक्त, मंत्रिमंडल सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और ‘इंडिया हाउस’ जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं भी स्थापित होंगी।
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