बेंगलुरु की सड़कें, सीएम का वार: शिवकुमार का बीजेपी पर तीखा पलटवार, ‘नागरिक सहभागिता’ का दिया अनोखा उदाहरण!
बेंगलुरु के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शहर की बदहाल सड़कों और नागरिक समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके स्थानीय सांसदों पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी सरकार ने नागरिक सहभागिता के लिए एक ऐसी अनूठी व्यवस्था बनाई है, जो देश में कहीं और देखने को नहीं मिलती।
शहर की सड़कों के सुंदरीकरण और अन्य विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान बोलते हुए, शिवकुमार ने अपनी सरकार के एक नागरिक-केंद्रित सुधार पर जोर दिया। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या कोई और सरकार है जो नागरिकों को गड्ढों या कचरे की तस्वीरें लेने और उन्हें सीधे कार्रवाई के लिए अधिकारियों को भेजने की अनुमति देती है? केवल मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व में ही हमने ऐसी व्यवस्था लागू की है।”
शिवकुमार ने यह भी बताया कि उनकी सरकार ने अब तक 10,000 से अधिक गड्ढों को भर दिया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए याद दिलाया कि पिछली सरकार ने अदालत में यह स्वीकार किया था कि शहर में 20,000 गड्ढे थे।
विकास परियोजनाओं पर विपक्ष की आलोचना पर तीखी प्रतिक्रिया
शिवकुमार ने भाजपा नेताओं की निंदा की, जिन्होंने सरकार के दो प्रमुख विकास निर्णयों – 113 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर और एक शहर सुरंग परियोजना – की आलोचना की है। किसी का नाम लिए बिना, उन्होंने एक भाजपा सांसद को ‘खाली बर्तन जो सिर्फ़ शोर मचाता है और ट्वीट करता है’ कहकर संबोधित किया।
शिवकुमार की सीधी चुनौती: बेंगलुरु के लिए केंद्र से धन लाएं!
उपमुख्यमंत्री ने बेंगलुरु के भाजपा सांसदों को केंद्र सरकार से शहर के लिए धन लाने में उनकी विफलता पर सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा, “बेंगलुरु से पांच सांसद हैं। क्या उनमें से एक भी शहर के लिए केंद्र से एक रुपया लाया है? निर्मला सीतारमण (केंद्रीय वित्त मंत्री) ख़ुद एक केंद्रीय मंत्री हैं, क्या वे बेंगलुरु के लिए 10 रुपये भी ला पाए हैं? अगर लाए हैं, तो आप जो भी सजा चाहें, मुझे मंजूर है।”
यह आक्रामक प्रतिक्रिया बेंगलुरु की सड़कों की खराब स्थिति और बुनियादी ढांचे के प्रबंधन को लेकर भाजपा की लगातार आलोचना के बीच आई है।
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