कर्नाटक में सत्ता की गरमाहट: सिद्धारमैया दिल्ली जाने को तैयार, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की अहम बैठक का इंतजार
कर्नाटक की राजनीति में मची खींचतान के बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने दिल्ली जाने की अपनी मंशा जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि पार्टी आलाकमान उन्हें बुलाएगा, तो वह तुरंत दिल्ली के लिए रवाना होंगे। यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य की राजनीतिक स्थिति पर अंतिम फैसला आलाकमान, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच गहन विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा। सिद्धारमैया ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अगर आलाकमान की ओर से बुलावा आता है, तो मैं निश्चित रूप से दिल्ली जाऊँगा।”
सरकार के पांच साल के कार्यकाल का आधा पड़ाव और अटकलों का बाजार
20 नवंबर को कर्नाटक सरकार के पांच साल के कार्यकाल का आधा पड़ाव पार करने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार और तेज हो गया है। हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने पद को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से परहेज किया। इसके बजाय, उन्होंने अपना ध्यान राज्य में अत्यधिक वर्षा के कारण हुए भारी फसल नुकसान पर केंद्रित किया और 14 लाख हेक्टेयर में बर्बाद हुई फसलों के लिए 1,033 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की।
किसानों को मिलेगी राहत: 1033 करोड़ का पैकेज घोषित
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष राज्य में अत्यधिक बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। लगभग 14 लाख हेक्टेयर में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं, और प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कलबुर्गी, यादगीर और अन्य प्रभावित जिलों का दौरा करने का उल्लेख किया, जहाँ मक्का, गन्ना और अरहर जैसी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है और उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार एक विशेष टीम भेजकर तत्काल राहत प्रदान करेगी। इस पैकेज के तहत, सिंचित भूमि के लिए 25,500 रुपये प्रति हेक्टेयर और बहु-फसलीय भूमि के लिए 31,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह कार्यक्रम आज ही शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत कुल 14,24,124 लाभार्थी लाभान्वित होंगे।
‘सामूहिक निर्णय’ पर जोर, दिल्ली में हल की उम्मीद
इसी बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री पद के संबंध में किसी भी फैसले को ‘सामूहिक’ करार दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस मामले को सुलझाने के लिए सभी प्रमुख नेताओं के साथ मिलकर चर्चा करेगा। अटकलें यही हैं कि सिद्धारमैया की दिल्ली यात्रा इसी सामूहिक निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है।
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