16 साल बाद सलाखों के पीछे: दिल्ली में खूंखार हत्या और डकैती का फरार आरोपी गाजियाबाद से दबोचा
दिल्ली के रणजीत नगर इलाके को हिला देने वाले एक सनसनीखेज हत्या और डकैती के मामले में 16 साल से फरार चल रहे एक दुर्दांत आरोपी को आखिरकार गाजियाबाद के इंदिरापुरम से गिरफ्तार कर लिया गया है। सोमवार को एक अधिकारी ने इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की पुष्टि की।
भगोड़ा घोषित, 5,000 का इनामी:
पकड़े गए आरोपी की पहचान बिहार के सुपोल निवासी 40 वर्षीय रामप्रीत कामत के रूप में हुई है। 2010 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था और उसकी गिरफ्तारी के लिए 5,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
एक भयावह रात और एक परिवार का उजड़ना:
यह घटना 30 अक्टूबर 2009 की है, जब शिकायतकर्ता अमरजीत सिंह खरबंदा रणजीत नगर स्थित अपने घर पहुंचे। उनके सामने जो मंजर था, वह रूह कंपा देने वाला था – उनकी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और घर को बुरी तरह लूटा गया था।
साथी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार:
पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने में रामप्रीत कामत और उसके साथियों का हाथ था। जहां उसके अधिकांश साथी पहले ही सलाखों के पीछे पहुंच गए, वहीं कामत पुलिस की गिरफ्त से बाहर निकलने में कामयाब हो गया और एक दशक से अधिक समय तक कानून को अपनी उंगलियों पर नचाता रहा।
गुप्त सूचना पर बड़ी कार्रवाई, मुखबिरों का जाल बिछा:
आखिरकार, गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम में जाल बिछाया और कामत को धर दबोचा।
पैतृक गांव से दूरी, छिपकर जीता जीवन:
गिरफ्तारी के बाद अधिकारी ने बताया कि कामत सालों से पुलिस के डर से अपने पैतृक गांव, बिहार के सुपोल, नहीं गया था। उसने इंदिरापुरम जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके को अपना ठिकाना बनाया और घरों की रंगाई-पुताई जैसे छोटे-मोटे काम करके अपना जीवन यापन कर रहा था। 16 साल का लंबा सफर आखिरकार कानून के हाथों में आकर समाप्त हो गया।
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