AMN. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे सोनम वांगचुक ने दो शर्तों पर अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है. पेपर लीक के खिलाफ अनशन पर बैठे शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन 27वें दिन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने तुड़वाया. रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में नड्डा ने जूस पिलाकर वांगचुक का अनशन खत्म कराया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोनम वांगचुक ने दो शर्तों पर अपना अनशन खत्म किया है। लेह एपेक्स बॉडी के सह-संयोजक त्सेरिंग दोरजे लाक्रुक ने यह जानकारी दी है. केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक को लिखित आश्वासन दिया है कि अगर छात्र हिंसक नहीं होंगे तो उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिये जायेंगे. सरकार ने सोनम वांगचुक को आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मुआवजा देने पर विचार करने का लिखित आश्वासन दिया है.
आपको बता दें कि सोनम वांगचुक ने 28 जून को सीजेपी के विरोध में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया था। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें 18 जुलाई को सफदरजंग और वहां से 21 जुलाई को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सीजेपी ने छात्रों, युवाओं और अभिभावकों से यह अपील की
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वांगचुक के अनशन खत्म करने पर खुशी जताई और कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रहेगा. सीजेपी ने आज देशभर के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने की अपील की है. आज देशभर में ‘हर जिला, एक दिन, एक मांग’ के नारे के साथ बैठकें और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे.
पीसी:जागरण
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