बिहार चुनाव 2025: ‘विकास बनाम बुर्का’ का नया संग्राम, योगी का महागठबंधन पर तीखा प्रहार
पटना: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार में महागठबंधन पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और उनके सहयोगी दल, निर्वाचन आयोग के बुर्का पहनी महिलाओं की पहचान से जुड़े निर्देशों का विरोध करके ‘विकास बनाम बुर्के’ की नई चाल चल रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के रण में उतरे आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर ‘घुसपैठियों’ की आड़ में फर्जी मतदान कराने की मंशा का भी गंभीर आरोप लगाया।
एनडीए के राज में बिहार विकास की राह पर, योगी का दावा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बिहार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सुशासन में विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “बिहार के इस विकास को रोकने के लिए ही कांग्रेस, राजद और उनके सहयोगी दलों ने ‘विकास बनाम बुर्का’ के नाम से एक नई साजिश रची है।”
फर्जी मतदाताओं पर योगी का सीधा सवाल
पटना के बाहरी इलाके दानापुर में भाजपा उम्मीदवार रामकृपाल यादव के समर्थन में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने सीधे सवाल उठाया, “क्या फर्जी मतदाताओं को वोट डालने का अधिकार दिया जाना चाहिए?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद की यही मंशा है, जिसके कारण वे बुर्के को लेकर इतना हंगामा मचा रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यही वजह है कि वे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) का भी विरोध करते रहे हैं, क्योंकि वे पुराने बैलेट पेपर के दौर को वापस लाना चाहते हैं, जहाँ उनके समर्थक बूथ लूट सकें।
‘यूपी के माफिया राजद के साझेदार थे’, योगी का बड़ा बयान
बिहार और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक जुड़ाव का जिक्र करते हुए योगी ने कहा, “अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ-साथ अब सीतामढ़ी का भी कायाकल्प किया जा रहा है। दोनों पवित्र स्थलों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने का कार्य भी प्रगति पर है।” उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उदाहरण देते हुए उन्होंने दावा किया कि जिन माफियाओं का यूपी में सफाया किया गया, वे राजद के ‘साझेदार’ थे। उन्होंने विश्वास जताया कि एनडीए के शासन में बिहार में भी उनका वही हश्र होगा।
कांग्रेस की ‘गोद में बैठ लालू ने भूली जेपी की विचारधारा’
योगी आदित्यनाथ ने यह भी दावा किया कि राजद ने कांग्रेस की ‘गोद में बैठकर’ जयप्रकाश नारायण (जेपी) की विचारधारा को पूरी तरह भुला दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि लालू प्रसाद ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत इसी लोकनायक के आंदोलन से की थी, जिसने आपातकाल से पहले देश को हिला दिया था और इंदिरा गांधी की हार का मार्ग प्रशस्त किया था।
‘समाजवादी पार्टी ने भी जेपी की विरासत को रौंदा’
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर भी ‘जेपी’ की विरासत की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जेपी के जन्मस्थान पर उनके नाम से बने अस्पताल की हालत अत्यंत दयनीय थी। हमारी सरकार आने के बाद ही उसका उद्धार संभव हुआ।” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दानापुर और सहरसा में रैलियों को संबोधित किया।
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