बिहार चुनाव: SC ने EC से कहा – यह आपकी ज़िम्मेदारी है!

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सुप्रीम कोर्ट में बिहार में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण पर सुनवाई 4 नवंबर को होगी.

बिहार चुनाव 2025: सुप्रीम कोर्ट की चुनाव आयोग को फटकार, मतदाता सूची की त्रुटियों पर जताई चिंता

नई दिल्ली: बिहार में आगामी चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) पर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद तैयार की गई अंतिम मतदाता सूची में पाई गई टाइपिंग संबंधी त्रुटियों और अन्य गलतियों की जांच के लिए एक जिम्मेदार प्राधिकारी के रूप में कार्रवाई करने का दबाव बनाया है। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जे बागची की पीठ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वह 4 नवंबर को बिहार SIR प्रक्रिया से संबंधित कानूनी मुद्दों पर विस्तृत सुनवाई करेगी।

चुनाव आयोग के दावे और अधिवक्ता का पलटवार

निर्वाचन आयोग की ओर से पेश हुए अधिकारियों ने कहा कि 30 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद से किसी भी मतदाता ने अपने नाम हटाए जाने के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की है। हालांकि, गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने इस दावे पर सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि एक मतदाता ने यह दावा किया है कि उसका नाम अंतिम सूची में नहीं जोड़ा गया है, जिसे चुनाव आयोग ने 7 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान फर्जी बताया था, जबकि मतदाता का दावा सत्य है।

मतदाता सूची ‘फ्रीज’ होने की तारीखें और पारदर्शिता का सवाल

पीठ ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पहले चरण में मतदान वाले कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची 17 अक्टूबर को ‘फ्रीज’ कर दी जाएगी, जबकि दूसरे चरण के मतदान वाले निर्वाचन क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 20 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने चुनाव आयोग से यह भी स्पष्ट करने की मांग की कि इस पूरी प्रक्रिया में कितनी पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है, कितने मतदाताओं के नाम हटाए गए और किन कारणों से हटाए गए।

3.66 लाख मतदाताओं के विवरण पर मांगा जवाब

इससे पहले, 7 अक्टूबर को शीर्ष अदालत ने निर्वाचन आयोग से उन 3.66 लाख मतदाताओं का विस्तृत विवरण मांगा था, जो मसौदा मतदाता सूची का हिस्सा थे, लेकिन SIR प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची से बाहर कर दिए गए थे। अदालत ने इस मामले में “भ्रम” होने की आशंका जताई थी।

मतदाता सूची में भारी फेरबदल: 65 लाख नाम हटे, 17.87 लाख बढ़े

30 सितंबर को जारी हुई बिहार की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 47 लाख घटकर 7.42 करोड़ रह गई है, जो SIR से पहले 7.89 करोड़ थी। हालांकि, यह संख्या 1 अगस्त को जारी मसौदा सूची में दर्ज 7.24 करोड़ मतदाताओं से 17.87 लाख अधिक है। इस दौरान, मृत्यु, प्रवास और दोहराव सहित विभिन्न कारणों से 65 लाख मतदाताओं के नाम मूल सूची से हटा दिए गए। वहीं, 21.53 लाख नए मतदाताओं को जोड़ा गया, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में 17.87 लाख की वृद्धि दर्ज की गई।

बिहार में मतदान का कार्यक्रम

बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जबकि शेष 122 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान संपन्न होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी।


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