‘वोट चोरी’ पर कांग्रेस का प्रहार: क्या लोकतंत्र की जड़ों को हिला रहा है सत्ता का खेल?
नई दिल्ली: कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने हाल ही में ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोपों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने रविवार को इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि ‘वोट चोरी’ केवल एक चुनाव संबंधी गड़बड़ी नहीं, बल्कि यह भारत की अखंडता के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर ‘मतदाता सूची में हेराफेरी’ का आरोप भी लगाया।
‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी बात रखते हुए वेणुगोपाल ने कहा, "कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में हेराफेरी ने लोकतंत्र की बुनियाद में लोगों का विश्वास डिगा दिया है।" यह बयान कांग्रेस द्वारा राष्ट्रव्यापी शुरू किए गए ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ हस्ताक्षर अभियान के संदर्भ में आया है, जिसमें पार्टी ने इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। वेणुगोपाल स्वयं इस अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हुए और रविवार को अपने गृह क्षेत्र, अलप्पुझा के कैथवना वार्ड में आयोजित हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया।
अलप्पुझा के सांसद वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर जारी अपने पोस्ट में और भी कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने लिखा, "वोट चोरी कोई मामूली अपराध नहीं है। यह हमारे संविधान, हमारी अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय और भारत की अखंडता के लिए एक बड़ा खतरा है।" इस बयान से कांग्रेस का रुख स्पष्ट हो जाता है कि वे इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रहे हैं।
कांग्रेस का लक्ष्य इस अभियान के माध्यम से पूरे देश से पांच करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करना है। वेणुगोपाल ने विश्वास जताया कि यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है। उन्होंने लोकतंत्र में आस्था रखने वाले हर नागरिक से इस संघर्ष में जुड़ने का आह्वान किया, ताकि संविधान की रक्षा हो सके और भारत की आत्मा को बचाया जा सके।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
