बालों का गुच्छा पेट में: बच्चों की आदतें जो बन सकती हैं जानलेवा

By
Aware Media Network
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी...
- News Desk
4 Min Read
Trichobezoar: पेट में बालों का गुच्छा बनने का ये है भयानक सच, बच्चों की आदतों पर रखें नज़र

अहमदाबाद से सामने आया दिल दहला देने वाला मामला: सात साल के बच्चे के पेट में मिला बालों का गुच्छा और जूते का फीता, जानिए क्या है ट्राइकोबेजोअर!

अहमदाबाद से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी सकते में डाल दिया है। एक सात वर्षीय बच्चे की पेट दर्द और उल्टी की लगातार शिकायत के पीछे की वजह जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। मध्य प्रदेश के रतलाम का यह बच्चा पिछले दो महीने से पेट की असहनीय पीड़ा और बार-बार होने वाली उल्टी से जूझ रहा था। दवाईयों का कोई असर न होने पर जब उसे अहमदाबाद के एक अस्पताल लाया गया, तो उसकी हालत देखकर सब दंग रह गए।

सीटी स्कैन और एंडोस्कोपी में सामने आया खौफनाक सच!

जब बच्चे का सीटी स्कैन और एंडोस्कोपी किया गया, तो रिपोर्ट्स देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए। बच्चे के पेट के अंदर बालों का एक विशाल गुच्छा मिला, जिसमें जूते का फीता भी फंसा हुआ था। यह कोई साधारण मामला नहीं था, बल्कि यह “ट्राइकोबेजोअर” नामक एक दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति का परिणाम था।

क्या है ट्राइकोबेजोअर?

ट्राइकोबेजोअर एक ऐसी स्थिति है जहाँ व्यक्ति, अक्सर बच्चे, अनजाने में या तनाव के कारण बालों को चबाकर निगल लेते हैं। पेट इन बालों को पचा नहीं पाता, जिसके कारण पेट में बालों का एक गुच्छा या गेंद बन जाती है। इसे “हेयरबॉल” के नाम से भी जाना जाता है। यह समस्या अक्सर उन लोगों में देखी जाती है जो तनाव में आकर बालों को खाने की आदत (ट्राइकोफेज़िया) विकसित कर लेते हैं। अगर इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह गांठ बड़ी हो जाती है और पेट दर्द, मतली, उल्टी, कब्ज, वजन घटना और यहाँ तक कि आंतों के रुकने जैसी गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकती है।

सिर्फ शरीर का नहीं, मन का भी इलाज जरूरी!

हालांकि, इस बच्चे के पेट से गांठ को सर्जरी द्वारा सफलतापूर्वक निकाल दिया गया है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यदि बार-बार असामान्य चीजें निगलने की आदत जारी रहती है, तो यह समस्या फिर से उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में, बच्चे की मानसिक स्थिति का इलाज और उसकी काउंसलिंग बेहद ज़रूरी है। मनोवैज्ञानिक परामर्श लेना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये आदतें न केवल खतरनाक होती हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी पैदा कर सकती हैं।

परिवार की निगरानी और बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य पर ध्यान देना महत्वपूर्ण

परिवार वालों को भी सलाह दी जाती है कि वे बच्चों के व्यवहार पर लगातार निगरानी रखें। उन्हें प्यार और धैर्य के साथ समझाएं और समय-समय पर उनके भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यह मामला हमें सिखाता है कि बच्चों या व्यक्तियों की किसी भी असामान्य आदत को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि ये आदतें किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती हैं।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
Aware Media Network एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरें, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग पाठकों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम विश्वसनीय स्रोतों, आधिकारिक आंकड़ों और पत्रकारिता के नैतिक सिद्धांतों के आधार पर समाचार तैयार करती है। Aware Media Network का उद्देश्य निष्पक्ष, सटीक और समय पर जानकारी प्रदान करना है, ताकि पाठक जागरूक निर्णय ले सकें और समसामयिक घटनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version