रिजेक्शन: विकास दिव्यकीर्ति की नज़र में हार नहीं, सुधार का अवसर
लाइफस्टाइल
स्मिता मुगलधा
प्रकाशित: रविवार, 23 नवंबर, 2025, 22:44 [IST]
आईएएस कोचिंग के जाने-माने शिक्षक और सोशल मीडिया के लोकप्रिय चेहरा, विकास दिव्यकीर्ति, देश भर में मोटिवेशनल स्पीच के लिए आमंत्रित किए जाते हैं। जीवन और रिश्तों को लेकर उनके विचार अक्सर पॉडकास्ट और टॉक शो में साझा किए जाते हैं। ऐसे ही एक बातचीत में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रिजेक्शन (अस्वीकृति) से कैसे निपटना सीखना, जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है।
विकास दिव्यकीर्ति का मानना है कि रिजेक्शन हर व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव है, और इसका सामना करना ही चाहिए। चाहे वह शादी का रिश्ता ठुकराया जाना हो, आपकी भावनाओं को महत्व न मिलना हो, या नौकरी का न मिलना हो – ये सभी रिजेक्शन जीवन में आ सकते हैं। लेकिन इनसे टूट जाने की बजाय, इनसे सीखना ही सही मार्ग है। दिव्यकीर्ति के विचार इस दिशा में बेहद प्रेरणादायक हैं। उनका मानना है कि रिजेक्शन को हार के रूप में नहीं, बल्कि सुधार के एक सुनहरे अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
विकास दिव्यकीर्ति की रिजेक्शन को लेकर विशेष राय:
- ‘ओके’ और ‘थैंक्यू’ कहें: दिव्यकीर्ति कहते हैं कि अगर कोई आपको रिजेक्ट करता है, तो उसे विनम्रता से ‘ओके’ और ‘थैंक्यू’ कहना चाहिए। यह न केवल जीवन में आगे बढ़ने में मदद करता है, बल्कि नकारात्मकता से भी बचाता है।
- अहंकार का त्याग: यह मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर बताते हैं कि सबसे पहले हमें अपने अहंकार को छोड़ना सीखना होगा। किसी के द्वारा रिजेक्ट किए जाने पर इसे व्यक्तिगत हमला न समझें। यह एक परिस्थिति है जो हमें बेहतर बनने के लिए प्रेरित कर सकती है।
- सम्मान के साथ स्वीकार करें: अस्वीकृति को सम्मान के साथ स्वीकार करना एक महत्वपूर्ण कदम है। अगर कोई आपको पसंद नहीं करता या आपको नहीं चुनता, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप में कोई कमी है। शायद आप उनकी पसंद या ज़रूरतों पर खरे नहीं उतरे।
विकास दिव्यकीर्ति की सलाह: ‘दूसरों के बजाय खुद पर दें ध्यान’
दिव्यकीर्ति आगे कहते हैं कि रिजेक्शन के बाद दूसरों को दोष देने की आदत छोड़ देनी चाहिए। इस स्थिति में भावनात्मक नियंत्रण सबसे बड़ा हथियार है। अपनी भावनाओं को शांति से संभालें। दूसरों की आलोचना करने या उन्हें गलत ठहराने के बजाय, खुद पर ध्यान केंद्रित करें।
इसके साथ ही, वे एक महत्वपूर्ण बात पर ज़ोर देते हैं: अपने आत्मसम्मान पर कभी आंच न आने दें। एक अस्वीकृति आपके मूल्य को परिभाषित नहीं करती। जीवन अवसरों से भरा है, और हर मोड़ पर नए लोग, नए मौके और नई शुरुआत आपका इंतज़ार करते हैं।
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