भारत की आईटी सेवाएँ, बीपीओ, कंसल्टिंग और जीसीसी पर विधेयक का गहरा प्रभाव: कांग्रेस नेता की चिंता
कांग्रेस नेता ने एक चिंताजनक विधेयक पर प्रकाश डालते हुए कहा है कि इसका भारत की प्रमुख सेवा निर्यातों पर सीधा और गहरा असर पड़ने वाला है। यह विधेयक विशेष रूप से भारत की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवाओं, बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (बीपीओ), कंसल्टिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) को प्रभावित करेगा।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यद्यपि आयरलैंड, इज़राइल और फिलीपींस जैसे अन्य देश भी इस विधेयक से प्रभावित होंगे, इसका सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष प्रभाव भारत के सेवा निर्यात पर पड़ेगा। यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि पिछले 25 वर्षों में भारत के सेवा निर्यात देश की सबसे बड़ी आर्थिक सफलताओं में से एक रहे हैं, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।
इस विधेयक की स्थिति के बारे में बोलते हुए, नेता ने कहा कि यह अपने वर्तमान स्वरूप में पारित हो भी सकता है और नहीं भी। इसके अतिरिक्त, इसमें संशोधन होने या लंबे समय तक लंबित रहने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, एक बात अत्यंत स्पष्ट है: यह विधेयक अमेरिका में उस बढ़ती सोच को दर्शाता है जहाँ यह माना जा रहा है कि जैसे ‘ब्लू-कॉलर’ नौकरियों को चीन ने ले लिया, उसी तर्ज पर अब ‘व्हाइट-कॉलर’ नौकरियों को भारत के हाथों में नहीं जाना चाहिए। यह मानसिकता भारत के सेवा क्षेत्र के भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती है।
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