बिहार चुनाव 2025: टिकट की जंग में जदयू में बगावत, वीआईपी जोन में धरने पर बैठे विधायक, सांसद ने दी इस्तीफे की पेशकश!
पटना: बिहार की राजनीति में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले ही हड़कंप मच गया है। जदयू में टिकट बंटवारे को लेकर उपजा असंतोष अब सरेआम दिखने लगा है। जहां एक ओर पार्टी के दो विधायक वीआईपी प्रतिबंधित इलाके में धरने पर बैठ गए, वहीं दूसरी ओर एक सांसद ने इस्तीफा देने की पेशकश कर पार्टी में खलबली मचा दी है।
वीआईपी जोन में धरना, पुलिस ने दर्ज की FIR: टिकट कटने के डर से विधायक उतरे सड़क पर!
मंगलवार को पटना के वीआईपी प्रतिबंधित इलाके में उस वक्त राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई जब जदयू विधायक गोपाल मंडल और पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव अचानक सचिवालय थाना क्षेत्र में धरने पर बैठ गए। टिकट कटने की आशंका से नाराज दोनों नेताओं की इस ‘अप्रत्याशित बगावत’ पर पुलिस ने फौरन केस दर्ज कर लिया। मामला अब सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानून के पन्नों में भी दर्ज हो गया है।
मजिस्ट्रेट की शिकायत पर सचिवालय पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्रतिबंधित स्थान पर धरना देने का मामला दर्ज किया है। सिटी एसपी (मध्य) दीक्षा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। दोनों नेताओं के इस कदम से सुरक्षा एजेंसियों में हलचल मच गई और दोपहर बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए।
“टिकट लिए बिना नहीं लौटूंगा” – गोपाल मंडल का ऐलान, पुलिस को देनी पड़ी मशक्कत!
धरने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में गोपाल मंडल ने साफ कहा कि वे मुख्यमंत्री से मिलने आए हैं और टिकट लिए बिना नहीं लौटेंगे। पुलिस ने उन्हें शांत करने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे। आखिरकार पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें वहां से हटाया। इस बीच ऐसी अफवाहें भी उड़ीं कि विधायक को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन वरीय पुलिस अधिकारियों ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया।
पार्टी के अंदर से ही उठ रही बगावत की आवाजें: सांसद अजय मंडल ने भी की इस्तीफे की पेशकश!
जदयू में टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। एक ओर जहां विधायक धरने पर बैठे, वहीं दूसरी ओर पार्टी के एक सांसद ने इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफे की अनुमति मांगी। उन्होंने दो पन्नों के पत्र में लिखा कि उम्मीदवारों के चयन में उनकी उपेक्षा की गई है और कई बार मिलने की कोशिश के बावजूद उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
“बाहरी लोगों को तरजीह” का गंभीर आरोप: पार्टी में गहरा असंतोष!
अजय मंडल ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टिकट वितरण में स्थानीय नेताओं को दरकिनार कर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से साफ शब्दों में कहा कि अगर स्थिति यही रही तो वे सांसद पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं। इस घटनाक्रम से यह साफ है कि टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी के भीतर गहरा असंतोष पनप चुका है, जो चुनावी माहौल में एक बड़ा सियासी सिरदर्द बन सकता है।
चुनाव से ठीक पहले जदयू के अंदर की यह खींचतान सड़कों पर आ गई है। एक ओर विधायक वीआईपी जोन में धरना दे रहे हैं, दूसरी ओर सांसद इस्तीफे की पेशकश कर रहे हैं। टिकट बंटवारे की यह जंग अगर थमी नहीं, तो एनडीए की चुनावी रणनीति पर इसका गहरा असर पड़ सकता है।
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