उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के रिश्तों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। यूपी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को कमजोर करना चाहती है। ओपी राजभर ने यह बात अंबेडकर नगर में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।
ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और बिहार में राष्ट्रीय जनता दल को नुकसान पहुंचा उसी तरह कांग्रेस अब उत्तर प्रदेश में सपा को खत्म करना चाहती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी से 172 सीटों की मांग की है। राजभर के मुताबिक कांग्रेस को इससे भी ज्यादा यानी 200 से अधिक सीटें मांगनी चाहिए थीं।
सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर भी राजभर ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इतनी सीटें देने के लिए तैयार नहीं होंगे। उनके मुताबिक दोनों दलों के बीच गठबंधन होने की संभावना नहीं है। हालांकि सीटों को लेकर कांग्रेस और सपा की बातचीत की आधिकारिक जानकारी इस बयान से साबित नहीं होती है।
इस दौरान ओम प्रकाश राजभर ने बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बीएलओ राजनीतिक दलों के पक्ष में काम कर रहे हैं। राजभर ने दावा किया कि यादव समुदाय से जुड़े बीएलओ समाजवादी पार्टी के लिए और दलित समुदाय से जुड़े बीएलओ बहुजन समाज पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों के लिए सरकार और चुनाव आयोग जिम्मेदार नहीं हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी को वोट चुराने के लिए एक यूनिवर्सिटी खोल लेनी चाहिए। उनका यह बयान चुनावी प्रक्रिया को लेकर बीजेपी पर लगाए गए आरोपों के बीच आया है।
ओपी राजभर के बयान के बाद यूपी में सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं। आने वाले समय में सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर क्या तस्वीर सामने आती है इस पर सबकी नजर रहेगी।
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