देश में पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने की घोषणा हो गयी है. यह ट्रेन गुवाहाटी से कोलकाता के बीच चलेगी. गुरुवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन का काम पूरा हो चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इस ट्रेन में कुल 16 डिब्बे होंगे, जिसमें 11 डिब्बे एसी-3 काेच, 4 डिब्बे एसी-2 और एक कोच एसी-1 का होगा. इस ट्रेन में यात्रियों के लिए राज्य का भोजन मुहैया कराया जाएगा. गुवाहाटी से चलने वाले ट्रेन में असम के खानपान को प्राथमिकता मिलेगी तो कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में बंगाली खान-पान मुहैया कराया जाएगा.
सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी. लेकिन इसका सियासी पहलू भी है. इस साल असम, पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है. गुवाहाटी से कोलकाता के बीच पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन के संचालन से भाजपा को फायदा मिलने की संभावना है. असम में मौजूदा समय में भाजपा जबकि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है. भाजपा को असम में सत्ता में वापसी की उम्मीद है, जबकि पश्चिम बंगाल जीतने के लिए पार्टी पूरा जोर लगा रही है.
गृह मंत्री अमित शाह कुछ दिनों पहले असम और पश्चिम बंगाल का दौरा कर चुके है और जीत के लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को कठिन परिश्रम करने को कहा है. इस ट्रेन के संचालन से यात्रा में लगने वाले समय में कमी आने के साथ यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा भी मिलेगा और पार्टी को उम्मीद है कि इससे मतदाताओं में एक सकारात्मक संदेश जाएगा.
पूर्वोत्तर भारत में खुद को मजबूत करने में जुटी है भाजपा
चुनाव से पहले स्लीपर वंदे भारत ट्रेन का संचालन कर भाजपा असम और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को यह संदेश देना चाहती है कि उसके लिए पूर्वी भारत का विकास काफी अहम है. खासकर पश्चिम बंगाल पार्टी के लिए काफी अहम है. आने वाले समय में केंद्र सरकार की ओर से पश्चिम बंगाल के लिए कई अहम घोषणा होने की संभावना है. साथ ही पश्चिम बंगाल के लिए केंद्र सरकार द्वारा पिछले 10 साल में किए गए कामों को पार्टी प्रमुखता से प्रचारित करने का फैसला लिया है. पार्टी, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को विकास के प्रतीक के रूप में पेश करने का काम करेगी.
अवेयर मीडिया नेटवर्क
भाजपा यह बताने की कोशिश करेगी कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल विकास के मामले में काफी पिछड़ गया है. अगर भाजपा की सरकार बनेगी तो पश्चिम बंगाल के विकास को गति मिलेगी. पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें है. वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा 38 फीसदी मत पाकर 77 सीट जीतने में कामयाब हुई थी, जबकि तृणमूल कांग्रेस 48 फीसदी मत हासिल कर 216 सीटों पर कब्जा जमाया था. भाजपा का मानना है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी है और दोनों दलों के बीच मत के अंतर को कम किया जा सकता है. इसके लिए मोदी सरकार की उपलब्धियां काम आ सकती है.
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


