कार्तिक मास का पावन आगमन: करवा चौथ से पूर्णिमा तक, व्रतों और उत्सवों की बहार

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कार्तिक मास का पावन आगमन: करवा चौथ से पूर्णिमा तक, व्रतों और उत्सवों की बहार
कार्तिक माह में मनाएं जाएंगे ये सारे व्रत त्योहार

कार्तिक मास 2025: 1000 वर्षों में पहली बार 5 बड़े पर्व एक साथ, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व है. यह महीना भगवान विष्णु और शिव को समर्पित होता है. कार्तिक मास 2025, 29 अक्टूबर को शुरू होकर 27 नवंबर तक चलेगा. इस बार कार्तिक मास विशेष है क्योंकि 1000 वर्षों में पहली बार 5 बड़े पर्व एक साथ मनाए जा रहे हैं. यह शुभ संयोग दीपावली, छठ पूजा, देवउठनी एकादशी, अन्नकूट और गोवर्धन पूजा को एक ही महीने में लेकर आया है.

प्रमुख व्रत और पर्व:

  • 29 अक्टूबर 2025: कार्तिक मास का आरंभ
    • इस दिन से ही कार्तिक मास के सभी शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं.
  • 2 नवंबर 2025: करवा चौथ
    • सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं.
  • 5 नवंबर 2025: उत्पन्ना एकादशी
    • यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे मोक्ष प्राप्ति का मार्ग माना जाता है.
  • 8 नवंबर 2025: धनतेरस
    • इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है.
  • 9 नवंबर 2025: छोटी दीपावली
    • दीपावली से एक दिन पहले छोटी दीपावली मनाई जाती है.
  • 10 नवंबर 2025: दीपावली
    • यह सबसे बड़ा हिंदू त्योहार है, जिसे प्रकाश का पर्व भी कहा जाता है. मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है.
  • 11 नवंबर 2025: अन्नकूट और गोवर्धन पूजा
    • गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण को समर्पित है. अन्नकूट में तरह-तरह के पकवान बनाकर भगवान को भोग लगाया जाता है.
  • 17 नवंबर 2025: देवउठनी एकादशी
    • इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की निद्रा के बाद जागते हैं. इसी के साथ शुभ कार्यों की शुरुआत होती है.
  • 20 नवंबर 2025: छठ पूजा
    • यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है. यह संतान प्राप्ति और सुख-समृद्धि के लिए किया जाता है.

धार्मिक महत्व:

कार्तिक मास में तुलसी का रोपण और पूजा करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है. इस मास में दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है. कार्तिक मास में ब्रह्मचर्य का पालन, सात्विक भोजन और भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

विशेष संयोग:

इस बार कार्तिक मास में 5 बड़े पर्व एक साथ आने से यह महीना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है. यह संयोग 1000 वर्षों में पहली बार बन रहा है. इन पर्वों पर भगवान की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.

शुभ मुहूर्त और पूजा विधि:

विभिन्न पर्वों के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के लिए विस्तृत जानकारी के लिए आप विभिन्न धार्मिक स्रोतों का सहारा ले सकते हैं. यह लेख आपको कार्तिक मास 2025 के प्रमुख व्रत-त्योहारों की जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है.


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