नवरात्र का छठवां दिन: मां कात्यायनी, करियर-विवाह की बाधाओं को दूर कर, षष्ठी पर चढ़ाएं ये अद्भुत पुष्प

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Maa Katyayani Puja 2025: मां कात्यायिनी दूर करेंगी करियर-विवाह की बाधा दूर, षष्ठी के दिन चढ़ाएं इतने फूल | Maa Katyayani Puja 2025 remove obstacles in career marriage offer this many flowers On Shashthi

माँ कात्यायनी की आराधना: विवाह योग्य कन्याओं के लिए वरदान, करियर में सफलता का मार्ग प्रशस्त!

नई दिल्ली: नवरात्रि का छठा दिन, माँ कात्यायनी की पूजा को समर्पित होता है। यह दिन विशेष रूप से विवाह योग्य कन्याओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि षष्ठी तिथि पर माँ कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा करने से उन्हें मनचाहा वर प्राप्त होता है। इतना ही नहीं, युवा वर्ग के लिए यह दिन करियर और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता के द्वार खोलता है। ज्योतिष शास्त्र और प्राचीन पुराणों में माँ कात्यायनी को साहस, पराक्रम और विवेक की देवी के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। कहा जाता है कि माँ की आराधना में विशेष रंग के पुष्पों को निश्चित संख्या में अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पुष्पों का महत्व: माँ को प्रसन्न करने का अचूक उपाय

माँ की पूजा में पुष्पों का विशेष स्थान होता है। ऐसी अटूट आस्था है कि सही रंग और संख्या में अर्पित किए गए पुष्प देवी को अत्यंत प्रसन्न करते हैं और भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं। माँ कात्यायनी की पूजा करते समय पुष्पों के चयन और अर्पण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। सच्चे मन से दीप प्रज्ज्वलित कर, भोग लगाकर पूजा करने से सभी मनोरथ सिद्ध होते हैं।

माँ कात्यायनी की पूजा: पुष्प अर्पण का विधान

  • शुभ संख्या: ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, माँ कात्यायनी को 6 पुष्प अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • पुष्पों की गुणवत्ता: चढ़ाए जाने वाले पुष्प हमेशा ताजे और सुगंधित होने चाहिए। इनका विशेष महत्व होता है।
  • प्रिय पुष्प:
    • गेंदे का फूल (पीला-नारंगी): यह माँ कात्यायनी का अत्यंत प्रिय पुष्प है। पीला रंग ज्ञान, सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का प्रतीक है।
    • गुलाब (लाल): प्रेम, सौंदर्य और मंगल का प्रतीक माना जाने वाला लाल गुलाब, विवाह योग्य कन्याओं के लिए विशेष रूप से फलदायी होता है।
    • कमल (गुलाबी या लाल): धन-धान्य की देवी लक्ष्मी और समृद्धि का प्रतीक है कमल। इसे अर्पित करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

माँ कात्यायनी को अर्पित करें निश्चित संख्या में पुष्प

ऐसा माना जाता है कि भक्तों को माँ को कम से कम 2 रंगों के पुष्प अर्पित करने चाहिए। इनमें पीला और लाल रंग प्रमुख हो सकता है। यदि संभव हो तो गुलाबी कमल भी अवश्य शामिल करें। यह देवी को और भी अधिक प्रसन्न करता है और जीवन में सौभाग्य लेकर आता है।

विवाह योग्य कन्याएं षष्ठी तिथि पर माँ कात्यायनी को 6 पीले गेंदे के फूल अर्पित करें और “ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥” मंत्र का 108 बार जाप करें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। कुल मिलाकर, माँ को कम से कम 6 पुष्प अर्पित करने चाहिए, और वे दो या तीन रंगों के हो सकते हैं।


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