1 अक्टूबर 2025: नवमी का पावन पर्व और ग्रहों की चाल
भारत में 1 अक्टूबर 2025 का दिन कई महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सवों से सराबोर होगा। महा नवमी, सरस्वती बलिदान, आयुध पूजा, दुर्गा बलिदान, बंगाल महा नवमी, दक्षिण सरस्वती पूजा, और दक्ष सावार्णी मन्वदि जैसे पावन पर्व पूरे देश में उल्लास के साथ मनाए जाएंगे। यह विशेष दिन विक्रम संवत 2082 के आश्विन मास, शुक्ल पक्ष की नवमी को पड़ रहा है। सूर्य की स्थिति कन्या राशि में रहेगी, जो इस दिन के ज्योतिषीय महत्व को और बढ़ाता है। यह दिन विभिन्न समुदायों के लिए आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।
सूर्योदय और चंद्रोदय 🌅🌙
- सूर्योदय: 05:50 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त: 05:45 अपराह्न
- चंद्रोदय: 01:55 अपराह्न
- चंद्रास्त: 12:37 पूर्वाह्न, 2 अक्टूबर
पंचांग विवरण 🕉️
- तिथि: नवमी, शाम 07:01 बजे तक
- नक्षत्र: पूर्वा आषाढ़, सुबह 08:06 बजे तक
- योग: अतिगंडा, 12:34 पूर्वाह्न, 02 अक्टूबर तक
- करण: बलवा, सुबह 06:38 बजे तक
- काम करने का दिन: बुधवार
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
चंद्र मास, संवत्सर और बृहस्पति संवत्सर 📅
- विक्रम संवत: 2082, कलायुक्त
- शक संवत: 1947, विश्वावसु
- गुजराती संवत: 2081, नाला
- चंद्रमास: अश्विन – पूर्णिमांत
राशि और नक्षत्र ✨
- राशि: धनु राशि, दोपहर 02:27 बजे तक
- नक्षत्र: पूर्वा आषाढ़, सुबह 08:06 बजे तक
- सूर्य राशि: कन्या
- सूर्य नक्षत्र: उत्तरा आषाढ़, 02 अक्टूबर प्रातः 03:00 बजे तक
ऋतु और अयाना 🍂
- द्रिक ऋतु: शरद
- वैदिक अनुष्ठान: शरद
- ड्रिक अयाना: दक्षिणायन
- वैदिक अयन: दक्षिणायन
शुभ समय ✅
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:13 पूर्वाह्न से 05:02 पूर्वाह्न
- विजय मुहूर्त: 01:46 अपराह्न से 02:34 अपराह्न
- गोधूलि मुहूर्त: 05:45 अपराह्न से 06:09 अपराह्न
- रवि योग: 08:06 पूर्वाह्न से 05:50 पूर्वाह्न, 02 अक्टूबर
अशुभ समय ❌
- राहु कालम्: सुबह 11:47 से दोपहर 01:17 बजे तक
- यमगांडा: 07:19 पूर्वाह्न से 08:49 पूर्वाह्न
- वर्ज्यम: 04:28 अपराह्न से 06:09 अपराह्न
निवास और शूल 🧭
- घर: शुक्र
- दिशा शूल: उत्तर
- चंद्र वास: पूर्व में दोपहर 02:27 बजे तक, फिर दक्षिण में
अन्य कैलेंडर और युग 🌍
- कलियुग: 5126 वर्ष
- जूलियन कैलेण्डर का दिन: 18 सितंबर, 2025 ई.
- राष्ट्रीय नागरिक तिथि: अश्विन 09, 1947 शक
चंद्रबलम और ताराबलम ⭐
- शुभ चंद्रबलम (02:27 PM तक): मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन
- शुभ मुहूर्त (सुबह 08:06 बजे तक): अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तरा आषाढ़, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
पंचक रहित मुहूर्त एवं उदय लग्न ⏱️
- दिन के लिए शुभ मुहूर्त: 05:50 पूर्वाह्न से 07:05 पूर्वाह्न
- आज का उदय लग्न मुहूर्त: कन्या (04:52 AM से 07:05 AM)
दिन के त्यौहार और कार्यक्रम 🎉
महानवमी, सरस्वती बलिदान, आयुध पूजा, दुर्गा बलिदान, बंगाल महानवमी, दक्षिण सरस्वती पूजा, दक्ष सावार्णि मनवाडी।
विशेष नोट: सभी समय वाराणसी के स्थानीय समय के अनुसार 12 घंटे के प्रारूप में हैं। पंचांग के अनुसार, दिन सूर्योदय से प्रारंभ होकर अगले सूर्योदय पर समाप्त होता है।
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