सितंबर 20, 2025: उत्सवों और ज्योतिषीय संयोगों का पवित्र दिन
20 अक्टूबर, 2025 का दिन भारतीय संस्कृति में गहरी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता रखता है। इस दिन लक्ष्मी पूजा, नरक चतुर्दशी और दिवाली जैसे कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं। यह शुभ दिन कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि, 2082 कलियुग विक्रमा संवत के अंतर्गत आता है। सूर्य इस समय तुला राशि में विराजमान हैं, जो इस दिन के ज्योतिषीय महत्व को और बढ़ाता है। पूरे भारत में लोग इन उत्सवों को विभिन्न अनुष्ठानों और परंपराओं के साथ मनाते हैं, जो उनके जीवन में खुशहाली और आध्यात्मिकता का संचार करते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय 🌇 🌙
- सूर्योदय: 05:59 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त: 05:26 अपराह्न
- चंद्रोदय: 05:39 पूर्वाह्न, 21 अक्टूबर
- चंद्रास्त: 04:39 अपराह्न
पंचांग 🗓️
- तिथि: चतुर्दशी दोपहर 03:44 बजे तक
- नक्षत्र: चित्रा 08:17 PM तक
- योग: वैधृति 02:35 AM, Oct 21 तक; विष्कम्भा
- करण: शकुनि अपराह्न 03:44 बजे तक; चतुष्पाद प्रातः 04:47 बजे तक, 21 अक्टूबर; नागवा
- कार्य दिवस: सोमवार
- पक्ष: कृष्ण पक्ष 🌑
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर 🗓️
- विक्रम संवत: 2082 कलायुक्त
- संवत्सर: कालायुक्त 03:07 अपराह्न, 25 अप्रैल 2025 तक
- शक संवत: 1947 विश्वावसु
- सिद्धार्थी
- गुजराती संवत: 2081 नाला
- चंद्रमास: कार्तिक – पूर्णिमांत; अश्विन – अमंता
राशि और नक्षत्र ♈ 🌟
- राशि: कन्या नक्षत्र पद सुबह 07:01 बजे तक
- सूर्य राशि: तुला
- सूर्य नक्षत्र: चित्रा 08:17 PM तक
- सूर्य पद: चित्रा रात्रि 10:26 बजे तक
ऋतु और अयाना 🍂☀️
- द्रिक ऋतु: शरद (शरद ऋतु)
- वैदिक अनुष्ठान: शरद (शरद ऋतु)
- ड्रिक अयाना: दक्षिणायन
- वैदिक अयन: दक्षिणायन
शुभ समय ⏱️ ✅
- ब्रह्म मुहूर्त: 04:19 पूर्वाह्न से 05:09 पूर्वाह्न तक
- प्रातः संध्या: 04:44 पूर्वाह्न से 05:59 पूर्वाह्न तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:20 से दोपहर 12:05 बजे तक
- विजय मुहूर्त: 01:37 अपराह्न से 02:23 अपराह्न तक
- गोधूलि मुहूर्त: 05:26 अपराह्न से 05:51 अपराह्न तक
- सयाहना संध्या: 05:26 अपराह्न से 06:42 अपराह्न तक
- अमृत कलाम: दोपहर 01:40 से 03:26 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 11:18 PM से 12:08 AM, 21 अक्टूबर
अशुभ समय 🚫 💔
- राहु कालम्: 07:25 पूर्वाह्न से 08:51 पूर्वाह्न तक
- यामागांडा: सुबह 10:17 से 11:43 बजे तक
- दुर मुहूर्तम्: दोपहर 12:05 से 12:51 बजे तक; 02:23 अपराह्न से 03:09 अपराह्न तक
- गुलिकाई कलम: 01:08 अपराह्न से 02:34 अपराह्न तक
- वर्ज्यम: 05:11 पूर्वाह्न, 21 अक्टूबर से 06:57 पूर्वाह्न, 21 अक्टूबर
निवास और शूल 🏠 🏹
- घर: केतु रात्रि 08:17 बजे तक; सूरज दिशा स्कूल: पूर्व
- चंद्र वासा: दक्षिण
- राहु वास: उत्तर-पश्चिम
- शिववास: श्मशान में अपराह्न 03:44 बजे तक; गौरी के साथ
अन्य कैलेंडर और युग 📅
- कलियुग: 5126 वर्ष
- जूलियन कैलेण्डर का दिन: 7 अक्टूबर, 2025 ई.
- राष्ट्रीय नागरिक तिथि: अश्विन 28, 1947 शक
चंद्रबलम और ताराबलम 💪
मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन राशि वालों के लिए अगले दिन सूर्योदय तक अच्छा चंद्रबलम है। कुंभ राशि में जन्मे जातकों के लिए अष्टम चंद्र है। पूर्वा भाद्रपद में जन्मे जातकों के लिए भी विशेष ज्योतिषीय स्थितियाँ हैं।
नोट: सभी समय वाराणसी के अनुसार भारतीय स्थानीय समय में प्रस्तुत किए गए हैं। पंचांग सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक मान्य होता है।
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