हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी का समर्पित है। माना जाता है कि हनुमान जी की भक्ति करने वाले भक्तों को शनिदेव का अशुभ प्रभाव नहीं छूता। धर्म ग्रंथों में वर्णित है कि शनिदेव स्वयं हनुमान जी से भयभीत रहते हैं। इसलिए मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और कुछ विशेष उपाय जरुर करने से शनि दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि की क्रूर दृष्टि का प्रभाव कम होता है। इन उपाय के करने से जीवन में रुके हुए काम बनने लगते हैं, संकट दूर होते हैं और सुख-शांति आती है। मंगलवार की शाम ये उपाय विशेष फलदायी हैं। आइए जानते हैं ये 5 प्रभावी उपाय।
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें
किसी भी नजदीकी हनुमान मंदिर में मंगलवार की शाम पहुंच जाएं। इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति पर सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं। सिंदूर हनुमान जी को अति प्रिय है और चमेली का तेल शनि को शांत करता है। पूजा करते वक्त ‘ॐ हं हनुमते नमः‘ जपें। इस उपाय के करने से शनि दोष शांत होता है। नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं। जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और शनिदेव की कृपा मिलती है।
शनि मंत्र का जाप करें
मंगलवार की शाम को काले आसन पर बैठकर शनि मंत्र का जाप करें- ॐ शं शनैश्चराय नमः या ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः। इन मंत्रों को कम से कम 108 बार जाप करें। इसके बाद सामने हनुमान जी या शनिदेव की तस्वीर रखें और दीपक जलाएं। यह जाप शनि की क्रूर दृष्टि को शांत करता है। जीवन में स्थिरता आती है, तनाव कम होता है और प्रगति के मार्ग खुलते हैं। माना जाता है कि हनुमान भक्ति से शनि प्रभाव अपने आप कम हो जाते हैं।
पीपल के नीचे काले तिल और सरसों तेल का दीपक जलाएं
शाम को पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय शनिदेव से कष्ट दूर करने की प्रार्थना करें और ॐ शं शनैश्चराय नमः जपें। यह उपाय शनि के अशुभ प्रभाव को बहुत कम करता है। कोर्ट-कचहरी, दुर्घटना या रोग की बाधाएं दूर होती हैं। यदि आपके तरक्की रुकी है, तो यह दीपक जलाने से मार्ग खुल जाता है। इस उपाय के करने से हनुमान जी और शनि देव दोनों प्रसन्न होते हैं।
शनि चालीसा या दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें
मंगलवार शाम को शांत जगह में बैठकर शनि चालीसा या दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ करें। दीपक जलाकर शनिदेव का ध्यान करें। इस उपाय के करने से शनि से जुड़े भय और कठिनाइयां दूर हो जाती है। इसके साथ ही मानसिक शांति भी मिलती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। हनुमान जी की भक्ति से यह पाठ और भी फलदायी होता है। ऐसा करने से शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव बहुत कम हो जाता है।
काली गाय या काले कुत्ते को भोजन कराएं
मंगलवार शाम को काली गाय को गुड़ मिश्रित रोटी या काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाएं। शनिदेव काले पशुओं के अधिष्ठता हैं। इन्हें भोजन कराने से शनिदेव जी प्रसन्न होते हैं। यह उपाय संकट, दुर्घटना और शत्रु बाधा से रक्षा करता है। पुण्य बढ़ता है और आत्मिक संतोष भी प्राप्त होता है।
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