सिद्धिदात्री की कृपा, सुख-समृद्धि का द्वार
शारदीय नवरात्रि का समापन मां सिद्धिदात्री के दिव्य पूजन के साथ होता है। ये देवी भक्तों को अनमोल सिद्धियाँ प्रदान करती हैं, जिससे उनका जीवन सुख-समृद्धि से परिपूर्ण हो जाता है। नवमी के दिन, जब भक्त मां दुर्गा की आराधना करते हैं, उन्हें अपना ध्यान कपाल के मध्य स्थित निर्वाण चक्र पर केंद्रित करना चाहिए। ऐसा करने से देवी की कृपा से इस चक्र की शक्तियाँ जागृत होती हैं, और भक्त के लिए कोई भी कार्य असंभव नहीं रह जाता।
नवमी पर वैभव-यश के लिए विशेष उपाय
इस वर्ष नवमी तिथि 1 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। नवमी के पावन अवसर पर, मां दुर्गा को विभिन्न प्रकार के अनाज का भोग लगाने से भक्तों को विशेष वैभव और यश की प्राप्ति होती है। कन्या पूजन भी इसी दिन संपन्न होता है, जो देवी को अत्यंत प्रिय है।
दशहरा: स्वास्थ्य और विजय का शुभ संयोग
दशहरा, जो 2 अक्टूबर 2025 को गुरुवार के दिन पड़ रहा है, एक अत्यंत शुभ मुहूर्त है। इस दिन से शरद पूर्णिमा तक, चंद्रमा की चांदनी स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए अत्यंत हितकारी होती है। नेत्रज्योति को बढ़ाने के लिए, दशहरे से शरद पूर्णिमा तक प्रतिदिन रात्रि में 15-20 मिनट तक चंद्रमा के ऊपर त्राटक (बिना पलक झपकाए देखना) करने का विधान है।
दशहरे का विजय मुहूर्त और पूजन
दशहरे का पूरा दिन शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ है। इस दिन संकल्प, नए कार्यों का शुभारम्भ, और सीमोल्लंघन (विजय हेतु प्रस्थान) के लिए दोपहर 02:10 से 02:57 तक विजय मुहूर्त का विशेष महत्व है। गुरु-पूजन, अस्त्र-शस्त्र, शमी वृक्ष, आयुध और वाहन पूजन भी इसी दिन किया जाता है। सूर्यास्त के समय और तारों के उदय के साथ प्रारंभ होने वाला काल ‘सर्व सिद्धिदायी विजय काल’ कहलाता है, जो अत्यंत फलदायी होता है।
मंत्र साधना से प्राप्त करें विजय और सिद्धि
इस सर्व सिद्धिदायी विजय काल में, मंत्रों का जाप विशेष फलदायी होता है:
- "राम रामाय नम:" – विजय प्राप्ति के लिए।
- "ॐ अपराजितायै नमः" – मां अपराजिता का यह मंत्र विजयादशमी के अवसर पर विजय के लिए अत्यंत प्रभावकारी है।
- श्री हनुमान जी का सुमिरन: पवन तनय बल पवन समाना, बुद्धि विवेक विज्ञान निधाना। कवन सो काज कठिन जग माहि, जो नहीं होत तात तुम पाहि ॥ – इस मंत्र की एक माला का जाप श्री हनुमान जी का स्मरण करते हुए करें।
- "पवन तनय समाना" – इस मंत्र की भी एक माला का जाप विजय काल में करना चाहिए।
इन मंत्रों के साथ गुरुमंत्र की एक माला का जाप करने से, गृहस्थ जीवन जीने वाले व्यक्तियों को अगले दशहरा तक अत्यंत सुखद परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
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