बीसीसीआई चयन समिति में नया अध्याय: प्रज्ञान ओझा और आरपी सिंह की धमाकेदार एंट्री!
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपनी नेशनल मेंस सीनियर सेलेक्शन कमेटी में दो नई धुरंधर हस्तियों का स्वागत करने के लिए तैयार है। पूर्व भारतीय अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी प्रज्ञान ओझा और रुद्र प्रताप सिंह (आरपी सिंह) इस समिति में अपनी जगह पक्की करने जा रहे हैं। बीसीसीआई ने हाल ही में इन दो महत्वपूर्ण पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, और अब दोनों ही दिग्गज खिलाड़ी क्रमशः सेंट्रल जोन के सुब्रतो बनर्जी और साउथ जोन के एस. शरथ की जगह लेंगे। इस प्रतिष्ठित चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर होंगे, जिनके नेतृत्व में टीम इंडिया का भविष्य तय होगा।
नामचीन चेहरों के बीच ओझा और आरपी सिंह का दबदबा
‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन पदों के लिए कई दिग्गज पूर्व क्रिकेटरों से संपर्क किया गया था, लेकिन प्रतिक्रिया उम्मीद से कम रही। बीसीसीआई ने दो पदों के लिए आवेदन मांगे थे, जिनमें पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार, उत्तर प्रदेश के पूर्व पेसर आशीष विंस्टन जैदी और हिमाचल प्रदेश के क्रिकेटर शक्ति सिंह जैसे नाम शामिल थे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव और बीसीसीआई के निर्धारित मानदंडों को पूरा करने की क्षमता के आधार पर, प्रज्ञान ओझा और आरपी सिंह सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं।
चयन प्रक्रिया: कड़े मानदंडों के साथ निष्पक्षता
बीसीसीआई की चयन समिति के सदस्यों का चयन क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) की देखरेख में होगा। इस समिति में अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे और सुलक्षणा नाइक जैसे अनुभवी सदस्य शामिल हैं। यह समिति उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग और साक्षात्कार के बाद अपनी सिफारिशें बीसीसीआई के पदाधिकारियों को भेजेगी। पद के लिए पात्रता मानदंड काफी कड़े थे, जिसमें कम से कम सात टेस्ट मैच, या 30 प्रथम श्रेणी मैच, या 10 वनडे और 20 प्रथम श्रेणी मैचों का संयुक्त अनुभव होना आवश्यक था। इसके अतिरिक्त, उम्मीदवारों को पेशेवर क्रिकेट से कम से कम पांच साल पहले संन्यास लेना था और बीसीसीआई की किसी भी क्रिकेट समिति में कुल पांच साल से अधिक का अनुभव नहीं होना चाहिए था।
आरपी सिंह और ओझा का शानदार क्रिकेट करियर
आरपी सिंह, बाएं हाथ के एक घातक तेज गेंदबाज, अपने करियर की उपलब्धियों के साथ इस भूमिका के लिए एक मजबूत दावेदार हैं। उन्होंने 2005 से 2011 के बीच भारत के लिए 14 टेस्ट, 58 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। वह 2007 में एमएस धोनी की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका में जीते गए पहले टी20 विश्व कप का अहम हिस्सा थे। दूसरी ओर, प्रज्ञान ओझा, एक अनुभवी बाएं हाथ के स्पिनर, ने भारत के लिए 24 टेस्ट, 18 वनडे और 6 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। टेस्ट क्रिकेट में उनके 113 विकेट उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
अक्टूबर से नई जिम्मेदारियां: टीम इंडिया का भविष्य इन पर टिका!
रिपोर्टों के अनुसार, ओझा और सिंह अगले महीने से अपनी नई जिम्मेदारियां संभाल सकते हैं। नए चयनकर्ता पैनल के सामने भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण दौर होगा। उन्हें वेस्टइंडीज, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आने वाली द्विपक्षीय सीरीज और महत्वपूर्ण आईसीसी टूर्नामेंटों के लिए टीम के चयन का महत्वपूर्ण कार्य करना होगा। इन दोनों दिग्गजों की मौजूदगी भारतीय चयन रणनीति में निश्चित रूप से नए दृष्टिकोण और गहरी समझ लाएगी, क्योंकि वे अपने-अपने विविध क्रिकेटिंग अनुभवों को लेकर आएंगे।
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