पेरिस ओलंपिक के हीरो की अपील: “एक चूक, जिसे सुधारने का मौका मिले!”
भारतीय कुश्ती का एक उभरता हुआ सितारा, पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत, इन दिनों मुश्किलों में हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) द्वारा उन पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर उन्होंने सोमवार को पुनर्विचार की गुहार लगाई है। यह प्रतिबंध जगरेब में विश्व चैंपियनशिप के दौरान वजन कम करने में नाकाम रहने के कारण लगाया गया था, जहाँ अमन अपने शुरुआती मुकाबले से पहले निर्धारित सीमा से 1.7 किलोग्राम अधिक पाए गए थे।
भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह में, जहाँ उन्हें 50 लाख रुपये के नकद पुरस्कार से नवाज़ा गया, अमन ने अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा, “मैंने पिछले महीने वजन कम न कर पाने की गलती की है।” अब, वह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष संजय सिंह से मिलकर इस फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध करेंगे।
“मैं डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष से मुलाकात कर ये अनुरोध करूंगा कि ये मेरी पहली गलती है और मैं इसे दोहराऊंगा नहीं,” अमन ने पेरिस ओलंपिक में 57 किग्रा वर्ग में अपनी ऐतिहासिक जीत के बाद मीडिया से कहा।
WFI ने 23 सितंबर को अमन को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे इस चूक के लिए स्पष्टीकरण मांगा था। महासंघ के अनुसार, 29 सितंबर को जमा किया गया उनका जवाब अनुशासनात्मक समिति को संतोषजनक नहीं लगा। अमन ने अपनी तरफ से सफाई देते हुए कहा कि स्पर्धा से एक दिन पहले अचानक पेट दर्द शुरू होने के कारण वह वजन कम करने का प्रयास जारी नहीं रख पाए।
“मैंने स्पर्धा से एक हफ्ते पहले ही वजन कम करना शुरू कर दिया था,” अमन ने अपनी बात रखते हुए कहा। “जब एक दिन बचा था तब मेरा 600-700 ग्राम वजन ही रह गया था। ये मेरे जिम में आखिरी सेशन था। मेरे पास सिर्फ 600 ग्राम वजन कम करना बाकी था।” उन्होंने आगे बताया, “मैं अभ्यास कर रहा था लेकिन अचानक मेरे पेट में तेज दर्द होने लगा। मैं सीधे अपने कमरे में चला गया। मैंने सुबह चार बजे उठकर आगे का वजन कम करने की योजना बनाई थी, लेकिन पेट में दर्द रात में फिर से बढ़ गया और कुछ दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिला।”
यह अपील निश्चित रूप से कुश्ती जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है, और देखना होगा कि महासंघ अमन सहरावत की इस गुहार पर क्या फैसला लेता है।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


