ऑस्ट्रेलिया ने रचा इतिहास, भारत को हराकर महिला वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा लक्ष्य किया हासिल!
विशाखापत्तनम: महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप के इतिहास में रविवार को एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसने मानो क्रिकेट के हर रिकॉर्ड को धता बता दिया। कप्तान एलिसा हीली के तूफानी 142 रनों की आतिशी पारी और अनाबेल सदरलैंड के पांच विकेटों के कहर के आगे भारतीय टीम को 3 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने न सिर्फ वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा करने का नया कीर्तिमान स्थापित किया, बल्कि भारत की सेमीफाइनल राह को भी कांटों भरा बना दिया।
331 रनों का पहाड़, हीली की मैजिक से पार!
जीत के लिए 331 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए, ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने ऐसी बल्लेबाजी की, मानो लक्ष्य था ही नहीं। उन्होंने सिर्फ 107 गेंदों में 21 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 142 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली। हीली की इस पारी ने मुश्किल लगने वाले लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया। वहीं, चोटिल होकर मैदान से बाहर जाने के बाद वापसी करने वाली एलिसे पैरी ने स्नेह राणा को छक्का जड़कर, एक ओवर बाकी रहते ही अपनी टीम को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया। यह दूसरी बार था जब ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप में 200 से अधिक रनों का लक्ष्य हासिल किया हो, इससे पहले 2022 में भारत के ही खिलाफ 278 रनों का लक्ष्य पार किया था।
वनडे में ऑस्ट्रेलिया का पहला 300+ पीछा!
सात बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने वनडे क्रिकेट में पहली बार 300 से अधिक के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया। यह एक ऐसा प्रदर्शन था जिसने साबित कर दिया कि ऑस्ट्रेलिया क्यों एक सर्वकालिक महान टीम है।
स्मृति और प्रतिका की शानदार साझेदारी, फिर भी कम पड़ गई!
इससे पहले, फॉर्म में लौटी स्मृति मंधाना (80) और युवा प्रतिका रावल (75) के बीच पहले विकेट की 155 रनों की मैराथन साझेदारी की बदौलत भारतीय टीम ने महिला विश्व कप में अपना अब तक का सर्वोच्च स्कोर 330 रन बनाया। दोनों बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। लेकिन, सदरलैंड के धारदार गेंदबाजी के आगे भारतीय पारी ढह गई। सदरलैंड ने सिर्फ 9.5 ओवर में 40 रन देकर 5 विकेट अपने नाम किए, जिससे मेजबान टीम की पारी सात गेंद पहले ही समाप्त हो गई।
आखिरी छह विकेटों का पतन, भारतीय पारी पर भारी!
भारतीय पारी की बात करें तो, अंतिम छह विकेट सिर्फ 36 रन के भीतर गिर गए, जो टीम के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ। भारत को अब सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को जीवित रखने के लिए इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ अपने अगले तीनों मैच जीतने होंगे, साथ ही अन्य मैचों के परिणामों पर भी निर्भर रहना होगा।
शीर्ष क्रम का जलवा, निचले क्रम का ढहना!
पिछले तीन मैचों में कुछ खास प्रदर्शन न कर पाने वाला भारतीय शीर्ष क्रम इस अहम मुकाबले में पूरी तरह से लय में दिखा। एसीए वीडीसीए स्टेडियम पर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन हुआ। दोनों सलामी बल्लेबाजों के अलावा हरलीन देयोल (38), जेमिमा रौड्रिग्स (33) और रिचा घोष (32) ने भी उपयोगी पारियां खेलीं। हालांकि, निचले क्रम से इस बार कोई खास योगदान नहीं मिल सका, जिसने टीम के स्कोर को 300 के पार ले जाने में मदद की।
सदरलैंड और मोलिनू का कहर!
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की बात करें तो, अनाबेल सदरलैंड ने 9.5 ओवर में 40 रन देकर 5 बहुमूल्य विकेट झटके। वहीं, सोफी मोलिनू ने 10 ओवर में 75 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए, जिससे भारतीय पारी ढहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्मृति के दोहरे रिकॉर्ड, फिर भी जीत से महरूम!
स्मृति मंधाना ने इस मैच में एक कैलेंडर वर्ष में महिला क्रिकेट में 1000 या अधिक रन बनाने वाली पहली खिलाड़ी बनकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने आठवें ओवर में मोलिनू को छक्का और दो चौके जड़कर इस आंकड़े को पार किया। इस मैच से पहले उन्हें 1000 वनडे रन पूरे करने के लिए सिर्फ 18 रनों की जरूरत थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की बेलिंडा क्लार्क का 28 साल पुराना 970 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा। इसके अलावा, स्मृति ने वनडे क्रिकेट में 5000 रन भी पूरे कर लिए, और यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह दुनिया की पांचवीं और मिताली राज के बाद भारत की दूसरी बल्लेबाज बन गई हैं।
हालांकि, स्मृति की यह ऐतिहासिक पारी भी ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलिसा हीली के शानदार शतक के सामने फीकी पड़ गई। हीली ने बतौर कप्तान अपना पहला और करियर का छठा वनडे शतक लगाया। वह 39वें ओवर में आउट हुईं, जब ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 67 गेंदों पर 66 रनों की जरूरत थी। अंततः, ऑस्ट्रेलिया ने 59 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और जीत दर्ज कर ली।
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