हॉकी वर्ल्ड कप 2030 की मेजबानी की रेस: पंजाब, तमिलनाडु और ओडिशा ने पेश की सबसे मजबूत दावेदारी!

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Hockey World Cup 2030 की मेजबानी के लिए Punjab Tamil Nadu और ओडिशा सबसे आगे

2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी की रेस: पंजाब, ओडिशा और तमिलनाडु में कड़ी टक्कर, महासचिव भोलानाथ सिंह का बड़ा खुलासा

(सौमोज्योति एस चौधरी)

जालंधर, 30 अक्टूबर: भारतीय हॉकी के भविष्य को लेकर एक बड़ी हलचल शुरू हो गई है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने पीटीआई (PTI) से विशेष बातचीत में खुलासा किया कि 2030 में होने वाले पुरुष और महिला FIH विश्व कप की मेजबानी के लिए पंजाब, ओडिशा और तमिलनाडु के बीच जबरदस्त होड़ लगी है। जहां ओडिशा पहले ही दो बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का सफल आयोजन कर चुका है, वहीं तमिलनाडु ने पिछले साल चेन्नई और मदुरै में जूनियर विश्व कप की शानदार मेजबानी की थी। हालांकि, भारतीय हॉकी की ‘नर्सरी’ कहे जाने वाले पंजाब के लिए यह मौका ऐतिहासिक हो सकता है, क्योंकि उसने आज तक कभी विश्व कप की मेजबानी नहीं की है।

वर्तमान में पंजाब एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के जरिए अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी का जश्न मना रहा है। 17 साल के लंबे इंतजार के बाद पंजाब की धरती पर कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला जा रहा है। भोलानाथ सिंह ने साफ शब्दों में कहा, “मेजबानी की इस दौड़ में ओडिशा, तमिलनाडु और पंजाब तीनों ही प्रबल दावेदार हैं। यदि ओडिशा को फिर से यह जिम्मेदारी मिलती है, तो यह उनकी एक और बड़ी उपलब्धि होगी। फिलहाल ओडिशा हमारी पहली प्राथमिकता बना हुआ है।” अपनी स्पष्टवादिता के लिए मशहूर भोलानाथ ने आगे कहा, “मैं हवा में तीर नहीं चलाता और न ही मुझे झूठ बोलना आता है।”

महासचिव के रूप में भोलानाथ का विजन हॉकी को महानगरों से निकालकर देश के कोने-कोने तक ले जाना है। इसी कड़ी में उन्होंने एक नई घोषणा की— “मेरा लक्ष्य हॉकी को हर राज्य तक पहुँचाना है। मध्य प्रदेश, जिसने अब तक किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं की थी, वहां 19 से 28 नवंबर तक भोपाल में महिला चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होने जा रहा है।”

पंजाब को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी सौंपने के पीछे एक भावुक कहानी भी छिपी है। भोलानाथ ने साझा किया, “जब मैंने पद संभाला, तो देखा कि टीम के अधिकांश खिलाड़ी पंजाब से हैं। उन खिलाड़ियों ने मुझसे अपना दर्द साझा किया कि वे दुनिया भर में खेले, लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें कभी अपनी ही मिट्टी पर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते नहीं देखा। यही वजह थी कि मैंने पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी वापस लाने का संकल्प लिया।”

वहीं, सीनियर खिलाड़ियों के संन्यास की खबरों पर भी उन्होंने स्थिति स्पष्ट की। हाल ही में चर्चा थी कि मनदीप सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के बाद विदा लेंगे। नीलाकांता ने स्वयं इसकी घोषणा कर दी है, लेकिन बाकी तीनों खिलाड़ियों ने खेलने की इच्छा जताई है। इस पर भोलानाथ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, “रिटायरमेंट का फैसला हॉकी इंडिया का नहीं है। जो खिलाड़ी फिट हैं और जिनमें प्रदर्शन करने का माद्दा है, वे खेलते रहेंगे। उन्हें खेलने से ईश्वर भी नहीं रोक सकता, और जो सक्षम नहीं हैं, उन्हें भगवान भी मैदान पर नहीं उतार सकता। हमारा अंतिम लक्ष्य अगले ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।”


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