विश्व कुश्ती चैंपियनशिप: भारतीय बेटियों ने रचा इतिहास, एक ही दिन में दो फाइनल में पहुंचकर फहराया तिरंगा
भारतीय कुश्ती के इतिहास में मंगलवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। काजल ढोचक और नीलम सिरोही ने अपने फौलादी इरादों से विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर वह कारनामा कर दिखाया, जो आज से पहले कभी नहीं हुआ था। यह पहली बार है जब इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के एक ही सत्र में भारत की दो महिला पहलवान विश्व खिताब के लिए हुंकार भरेंगी। 18 वर्षीय युवा सनसनी काजल (76 किग्रा) ने सेमीफाइनल में किर्गिस्तान की दिग्गज ऐपेरी मेडेट काइजी को 10-7 से धूल चटाई, वहीं 26 वर्षीय अनुभवी नीलम (50 किग्रा) ने कजाखस्तान की जेनेप बायानोवा को 7-3 से मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया।
अब स्वर्ण पदक के महामुकाबले में काजल का सामना यूक्रेन की अनास्तासिया अल्पयेयेवा से होगा, जबकि नीलम के सामने जापान की महान पहलवान युई सुसाकी की कठिन चुनौती होगी। इससे पहले विश्व चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचने वाली एकमात्र भारतीय महिला अंशु मलिक (2021) थीं। ऐसे में एक ही दिन दो भारतीय जांबाजों का फाइनल में पहुंचना देश के लिए एक ऐतिहासिक गौरव की बात है।
पहली बार सीनियर विश्व चैंपियनशिप के मंच पर उतरीं दो बार की अंडर-20 विश्व चैंपियन काजल ने मैट पर अदम्य साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। एक समय वह 1-7 से पिछड़ रही थीं, लेकिन हार न मानने के जज्बे ने पासा पलट दिया और उन्होंने शानदार वापसी की। जीत के बाद काजल इतनी भावुक हो गईं कि मैट पर ही औंधे मुंह लेटकर अपने आंसू नहीं रोक सकीं। दूसरी ओर, नीलम ने भी पूरे दबदबे के साथ बायानोवा को शिकस्त देकर सुसाकी से भिड़ने का सुनहरा मौका हासिल किया। सुबह के सत्र में काजल ने लिथुआनिया की कामिले गौकाइटे और मंगोलिया की दावासानान को हराकर अपनी लय बरकरार रखी थी।
नीलम का सफर भी शानदार रहा; उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में बेलारूस की नतालिया वराकिना को 6-0 से एकतरफा मात दी। क्वार्टर फाइनल में रूसी पहलवान एलिजावेता स्मिरनोवा के चोटिल होने का फायदा भी उन्हें मिला। 65 किग्रा वर्ग में रजनीता ने भी बड़ा उलटफेर करते हुए यूक्रेन की रजत पदक विजेता कैटरीना जेलेनिख को 8-6 से हराया, हालांकि प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्हें इरिना रिंगाची से हार झेलनी पड़ी। रजनीता अब भी पदक की दौड़ में हैं और रेपेचेज में उनका सामना जापान की नाना इकेहाता से होगा।
वहीं, 57 किग्रा वर्ग में नेहा शर्मा ने शुरुआती मुकाबला जीतने के बाद अगले दौर में हारकर बाहर होने का दुख झेला। दुर्भाग्यवश, भारत के ग्रीको-रोमन पहलवानों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और केवल ललित (55 किग्रा) ही पदक की रेस में अपनी जगह बचा पाए, जबकि अन्य पहलवान खाली हाथ रहे।
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