काशी में खेल विरासत पर चला बुल्डोजर: पद्मश्री मोहम्मद शाहिद का घर गिराया गया, परिजन बेघर
शिव की पावन नगरी काशी में प्रशासन की एक ऐसी कार्रवाई सामने आई है जिसने खेल जगत और आम जनता को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस लाइन से कचहरी रोड तक सड़क चौड़ीकरण के नाम पर गुरुवार को बुल्डोजर गरजा, और इस दौरान 13 मकानों को जमींदोज कर दिया गया। इन ढहाए गए मकानों में पद्मश्री से सम्मानित हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद का पैतृक आवास भी शामिल है। इस कार्रवाई के दौरान तीन थानों की पुलिस और आरएएफ (Rapid Action Force) मौके पर मौजूद रही, जिसने विरोध कर रहे परिजनों की एक न सुनी।
‘प्रशासनिक गुंडई’ का आरोप, बेघर होने की कगार पर परिवार
मोहम्मद शाहिद के परिवार ने घर तोड़े जाने का कड़ा विरोध किया। उनकी भाभी नाज़नीन ने ‘आजतक’ को बताया कि उन्होंने कोई मुआवजा नहीं लिया है और अब उनके पास रहने के लिए दूसरा मकान भी नहीं है, ऐसे में वे बेघर हो जाएंगे। मोहम्मद शाहिद के मामा के लड़के मुश्ताक ने इस कार्रवाई को "प्रशासनिक गुंडई" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में शादी का माहौल है और उनके पास कहीं और जमीन भी नहीं है। उन्होंने प्रशासन द्वारा पुनर्वास की कोई व्यवस्था न किए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया।
विपक्षी दलों का तीखा प्रहार: ‘बीजेपी सरकार माफ़ नहीं करेगी’
प्रशासन की इस मनमानी कार्रवाई का राजनीतिक गलियारों में भी तीखा विरोध हो रहा है। कांग्रेस नेता अजय राय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, "पद्मश्री मोहम्मद शाहिद का मकान बीजेपी सरकार ने ज़मींदोज़ कर दिया। ये सिर्फ़ एक घर नहीं था, बल्कि देश की खेल विरासत की पहचान थी। काशी की धरती पर प्रतिभाओं और सम्मानित विभूतियों का अपमान करने वाली बीजेपी सरकार को जनता माफ़ नहीं करेगी।"
आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश की। पार्टी ने एक वीडियो शेयर कर मोदी सरकार पर देश की महान हस्तियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। आप ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, "मोदी सरकार ने पहले लद्दाख के हक़ की लड़ाई लड़ रहे सोनम वांगचुक को जेल भेजा और उन्हें देशद्रोही तक कहा अब ओलंपिक हॉकी में स्वर्ण पदक दिलाने वाले पद्म श्री से सम्मानित स्वर्गीय मोहम्मद शाहिद जी के वाराणसी में घर को बुलडोजर चलवा कर मिट्टी में मिला दिया। मोदी सरकार अडानी को ₹1 में 1050 एकड़ जमीन दे सकती है लेकिन देश के हीरो को एक घर नहीं।"
यह वही मोहम्मद शाहिद हैं जिन्होंने 1980 के मास्को ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक जिताने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। उनकी स्मृति से जुड़े इस घर को गिराए जाने की घटना ने खेल प्रेमियों और नागरिकों में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। गुरुवार की सुबह, सबसे पहले कचनार शहीद मजार की दीवार तोड़ी गई, इसके बाद दुकानों को जमींदोज किया गया और अंततः हॉकी के इस महान खिलाड़ी के घर पर बुल्डोजर चला दिया गया।
Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
