देवदत्त पडिक्कल का धैर्यवान शतक, भारत-ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ मुकाबले को बनाया रोमांचक
लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम में भारत ‘ए’ और ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के बीच चल रही अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन से सराबोर रहा। ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ द्वारा बनाए गए 532 रनों के विशाल स्कोर का पीछा करते हुए, देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल की बेहतरीन पारियों ने भारतीय पारी को मजबूती दी और मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया।
चौथे नंबर पर पडिक्कल का संयमित प्रदर्शन
देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में चौथे नंबर पर उतरते हुए असाधारण धैर्य और संयम का प्रदर्शन किया। उन्होंने 198 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया, जिसमें 9 चौके शामिल थे, जिसका अर्थ है कि उन्होंने दौड़कर 64 रन बनाए। यह पारी दर्शाती है कि पडिक्कल ने हर गेंद का सावधानी से सामना किया और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की कड़ी परीक्षा ली। उनकी इस पारी ने यह साबित कर दिया कि वह क्रीज पर लंबे समय तक टिके रहने और टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकालने में सक्षम हैं।
जुरेल के साथ बेहतरीन साझेदारी
पडिक्कल की इस शानदार पारी में ध्रुव जुरेल का साथ अहम रहा। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 200 से अधिक रनों की साझेदारी की, जो भारतीय पारी की नींव साबित हुई। जुरेल ने भी शतक जड़कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इस साझेदारी ने न केवल ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया, बल्कि पारी को स्थिरता भी प्रदान की, जिससे भारत ‘ए’ ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ के विशाल स्कोर के जवाब में बराबरी की टक्कर दे सका।
IPL चोट से वापसी का शानदार प्रमाण
देवदत्त पडिक्कल के लिए यह शतक व्यक्तिगत रूप से भी बेहद खास रहा। IPL 2025 के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण उनका सीजन बीच में ही समाप्त हो गया था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और वापसी के लिए दृढ़ संकल्प लिया। हाल ही में दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में अर्धशतक लगाने के बाद, इस अनऑफिशियल टेस्ट में शतक जड़कर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वह पूरी तरह से फिट और फॉर्म में लौट आए हैं। यह पारी उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयां प्रदान करेगी।
टेस्ट क्रिकेट में पडिक्कल का भविष्य
पडिक्कल पहले ही टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर चुके हैं। उन्होंने पिछले साल मार्च में इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला था और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पर्थ में दूसरा टेस्ट भी खेला। हालांकि अब तक उन्होंने 3 पारियों में 1 अर्धशतक की मदद से कुल 90 रन बनाए हैं, लेकिन उनकी क्षमता और बल्लेबाजी की शैली को देखते हुए यह उम्मीद की जा सकती है कि वह टेस्ट क्रिकेट में लंबा सफर तय करेंगे।
वेस्टइंडीज सीरीज में चयन की उम्मीद
पडिक्कल की नजरें अब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम में जगह बनाने पर होंगी। लखनऊ में उनका यह शानदार शतक निश्चित रूप से चयनकर्ताओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है। जुरेल के साथ उनकी साझेदारी और शतकीय पारी ने उन्हें एक बार फिर चयन की दौड़ में मजबूती से स्थापित कर दिया है।
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