विनेश फोगाट के समर्थन में उतरीं साक्षी मलिक: “नियम मातृत्व के खिलाफ नहीं, हौसले के पक्ष में होने चाहिए”
भारतीय कुश्ती की दो दिग्गज हस्तियां एक बार फिर एक सुर में नजर आ रही हैं। ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने मंगलवार को अपनी साथी पहलवान विनेश फोगाट के लिए मोर्चा खोलते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) और सरकार से बड़ी अपील की है। साक्षी ने मांग की है कि तीन बार की ओलंपियन विनेश को गोंडा में आयोजित होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 2026 के ट्रायल्स में शामिल होने दिया जाए, ताकि वे अपनी खेल यात्रा को दोबारा शुरू कर सकें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर साक्षी ने तर्क दिया कि नियम ऐसे होने चाहिए जो महिला खिलाड़ियों को मां बनने के बाद मैदान पर लौटने के लिए प्रेरित करें, न कि उनके रास्ते में दीवार बनें।
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साक्षी ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से मीडिया लगातार विनेश के ट्रायल्स पर उनकी प्रतिक्रिया मांग रहा था। उन्होंने कहा, “मैं दो-तीन दिनों से इस पर विचार कर रही थी क्योंकि विनेश अब एक राजनीतिक दल का हिस्सा हैं, जबकि मेरा किसी पार्टी से कोई जुड़ाव नहीं है। लेकिन यह खेल और खिलाड़ियों के हक की बात है।” साक्षी ने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया भर के खेल संघ अपने खिलाड़ियों के लिए नियमों में ढील देते हैं ताकि महिलाएं मातृत्व के बाद भी देश के लिए पदक जीत सकें। इसके विपरीत, उन्होंने आरोप लगाया कि हमारा संघ ऐसे नियम महज दो दिन पहले लागू कर देता है, जिससे विनेश की वापसी की राह मुश्किल हो जाए।
रियो ओलंपिक की कांस्य विजेता ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपील की कि विनेश को ट्रायल का मौका दिया जाए ताकि वे फिर से तिरंगा फहरा सकें। साक्षी के अनुसार, विनेश को मौका देना समाज में एक बड़ी नजीर पेश करेगा कि मां बनने के बाद भी एक महिला एथलीट अपने जुनून को जीवित रख सकती है और देश को गौरवान्वित कर सकती है।
यह पूरा विवाद गोंडा में 2026 सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के लिए विनेश की पात्रता को लेकर गहराया हुआ है। सोमवार को विनेश ने X पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) से 1 जनवरी, 2026 से दोबारा खेलने की लिखित अनुमति मिलने के बावजूद, उन्हें टूर्नामेंट स्थल पर वेरिफिकेशन और ट्रेनिंग हॉल में प्रवेश से वंचित कर दिया गया। विनेश का कहना है कि वे किसी विशेष रियायत की भूखी नहीं हैं, बल्कि केवल अपनी योग्यता के आधार पर मैट पर उतरना चाहती हैं।
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दूसरी ओर, भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) का रुख कड़ा बना हुआ है। महासंघ ने विनेश को अनुशासनहीनता, डोपिंग नियमों के उल्लंघन और वापसी की तय प्रक्रियाओं की अनदेखी के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही, फेडरेशन ने पेरिस ओलंपिक में 50 किलोग्राम वर्ग के फाइनल से पहले वजन अधिक होने के कारण उनकी अयोग्यता को ‘राष्ट्रीय शर्मिंदगी’ करार देते हुए उन पर मार्च 2024 के ट्रायल्स के दौरान अनियमितताओं के भी आरोप लगाए हैं।
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