UP चुनाव 2027: JDU की तैयारी तेज, वाराणसी से निशांत कुमार करेंगे सियासी आगाज

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PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में बिहार में सत्तारूढ़ NDA का हिस्सा जनता दल यूनाइटेड (JDU) भी उत्तर प्रदेश में अपनी चुनावी गतिविधियों को बढ़ा रही है। पार्टी का विशेष फोकस पूर्वांचल की सीटों पर बताया जा रहा है, जहां उसे कुर्मी और कोइरी-कुशवाहा जैसे OBC समूहों के बीच सामाजिक आधार की संभावना दिखती है।

JDU की ओर से उत्तर प्रदेश में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा, इसे लेकर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। पार्टी नेताओं के मुताबिक सीटों को लेकर NDA के घटक दलों के बीच बातचीत और सहमति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं कुछ रिपोर्टों में JDU के करीब 60 सीटों पर तैयारी करने की बात कही गई है, लेकिन इसे अभी अंतिम सीट बंटवारे के रूप में नहीं देखा जा सकता।

निशांत कुमार की वाराणसी में सक्रियता

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की उत्तर प्रदेश में राजनीतिक सक्रियता इस रणनीति का अहम हिस्सा बनकर सामने आई है। 27 सितंबर को वाराणसी पहुंचे निशांत कुमार ने स्थानीय JDU नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने उत्तर प्रदेश में पार्टी को मजबूत तरीके से चुनाव लड़ाने की बात कही।

निशांत कुमार ने कहा कि JDU NDA का हिस्सा है और उत्तर प्रदेश में भी गठबंधन के घटक दल आपसी सहमति से सीटों पर फैसला करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में पार्टी को मिली सफलता को उत्तर प्रदेश में दोहराने का प्रयास किया जाएगा।

हालांकि, चुनावी सफलता की यह बात निशांत कुमार का राजनीतिक दावा है। उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव का परिणाम अभी भविष्य का विषय है।

25 अक्टूबर को वाराणसी में बड़ा सम्मेलन

JDU ने 25 अक्टूबर को वाराणसी के कोराउता इलाके में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी की है। पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई इस कार्यक्रम में राज्य के अलग-अलग जिलों से पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जुटाने की तैयारी कर रही है।

रिपोर्टों के मुताबिक, निशांत कुमार इस सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं। JDU के वरिष्ठ नेताओं के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। पार्टी के लिए यह सम्मेलन उत्तर प्रदेश में संगठन की स्थिति और कार्यकर्ताओं की सक्रियता को परखने का एक महत्वपूर्ण मौका होगा।

वाराणसी का चयन भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्वांचल JDU की प्रस्तावित रणनीति का प्रमुख क्षेत्र बताया जा रहा है।

60 सीटों की तैयारी, लेकिन अंतिम फैसला बाकी

JDU के कुछ नेताओं ने उत्तर प्रदेश में 60 विधानसभा सीटों पर तैयारी की बात कही है। पार्टी प्रवक्ता अजय सिंह के हवाले से ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं। वहीं पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रवण कुमार ने कहा है कि उम्मीदवारों और सीटों का चयन संगठन की जमीनी स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

इसलिए फिलहाल 60 सीटों को अंतिम चुनावी सूची मानना जल्दबाजी होगी। NDA में सीटों के बंटवारे पर बातचीत के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि JDU कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारती है।

2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में JDU ने कई सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे कोई सीट नहीं मिली थी। अब पार्टी दोबारा संगठन विस्तार और चुनावी मैदान में सक्रियता बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

कुर्मी-कुशवाहा समीकरण पर नजर

JDU की उत्तर प्रदेश रणनीति में सामाजिक समीकरण की भी चर्चा हो रही है। पार्टी पूर्वांचल की उन विधानसभा सीटों पर विशेष ध्यान दे रही है, जहां कुर्मी और कोइरी-कुशवाहा समुदायों की मौजूदगी को महत्वपूर्ण माना जाता है।

हालांकि, अलग-अलग स्रोत इन समुदायों की आबादी और चुनावी प्रभाव को अलग-अलग तरीके से आंकते हैं। इसलिए किसी एक प्रतिशत को पूरे उत्तर प्रदेश का आधिकारिक आंकड़ा मानना उचित नहीं होगा।

JDU की बिहार की राजनीति में इन सामाजिक समूहों के बीच मौजूद राजनीतिक आधार को देखते हुए उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के संगठनात्मक विस्तार की कोशिश की जा रही है। पार्टी का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर बूथ तक संगठन खड़ा करने और संभावित प्रभाव वाली सीटों की पहचान करने पर है।

सपा के सामाजिक आधार से जुड़ी चर्चा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में कुर्मी और अन्य गैर-यादव OBC समूहों को लेकर सभी प्रमुख दलों की रणनीतियां चर्चा में हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषणों में समाजवादी पार्टी के साथ इन समूहों के समर्थन को लेकर भी चर्चा की जाती रही है।

ऐसे में JDU की उत्तर प्रदेश में सक्रियता को केवल सीटों की संख्या के बजाय सामाजिक और संगठनात्मक विस्तार के नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि, किसी समुदाय का राजनीतिक रुझान एकरूप नहीं होता और चुनाव में स्थानीय उम्मीदवार, गठबंधन, मुद्दे और क्षेत्रीय समीकरण भी भूमिका निभाते हैं।

NDA में सीट बंटवारे पर टिकी नजर

JDU पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह NDA का हिस्सा है और उत्तर प्रदेश में सीटों को लेकर गठबंधन के भीतर सहमति बनाई जाएगी। इसका अर्थ है कि JDU की अंतिम चुनावी रणनीति केवल उसके अपने संगठनात्मक आकलन पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि NDA के भीतर होने वाली सीट-बंटवारे की बातचीत भी महत्वपूर्ण होगी।

आने वाले समय में वाराणसी का सम्मेलन, जिला स्तर की बैठकें और संभावित उम्मीदवारों की पहचान से यह स्पष्ट हो सकता है कि JDU किन क्षेत्रों में अपना संगठन अधिक सक्रिय करती है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए JDU ने अपनी तैयारियों को गति दे दी है। पूर्वांचल पर फोकस, कुर्मी-कुशवाहा बहुल मानी जाने वाली सीटों पर संगठन विस्तार और 25 अक्टूबर को वाराणसी में प्रस्तावित कार्यकर्ता सम्मेलन पार्टी की रणनीति के प्रमुख हिस्से हैं। निशांत कुमार की सक्रियता भी इस अभियान में महत्वपूर्ण दिखाई दे रही है। हालांकि, JDU कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और NDA में उसका अंतिम सीट समझौता क्या होगा, यह अभी तय होना बाकी है।


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पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
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