उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बीच लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में हंगामा हो गया। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना के कार्यभार संभालने के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी, धक्का-मुक्की और जूता निकालने तक की नौबत आने के आरोप लगे। घटना के बाद अजय राय और ममता चौधरी ने एक-दूसरे के पक्ष पर सवाल उठाए, जबकि पार्टी के भीतर गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई।
- अध्यक्ष के स्वागत के दौरान कैसे शुरू हुआ विवाद?
- अजय राय को मनाकर वापस लाया गया
- अजय राय बोले- पार्टी की छवि खराब कर रहे ऐसे लोग
- ममता चौधरी ने लगाया महिलाओं से मारपीट का आरोप
- दलितों से भेदभाव का मुद्दा भी उठाया
- इमरान मसूद बोले- बड़ी पार्टी में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं
- कौन हैं ममता चौधरी?
- आराधना मिश्रा मोना के सामने पहली चुनौती
अध्यक्ष के स्वागत के दौरान कैसे शुरू हुआ विवाद?
लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आराधना मिश्रा मोना के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भी मुख्यालय पहुंचे। बताया जा रहा है कि जब वह मोना को कार्यभार ग्रहण कराने के लिए आगे बढ़े, तभी भीड़ को हटाने के दौरान विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि एक कार्यकर्ता ने लोगों से रास्ता खाली करने को कहा। इसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने टिप्पणी की। इसी क्रम में लखनऊ नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी पर भी टिप्पणी करने और अपशब्द कहने के आरोप लगाए गए। हालांकि, विवाद की शुरुआत को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं।
अजय राय को मनाकर वापस लाया गया
कथित टिप्पणी से नाराज होकर अजय राय दूसरी तरफ जाने लगे। स्थिति को संभालने के लिए नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना, कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद इमरान मसूद और राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने उन्हें मनाया। इसके बाद अजय राय को वापस अंदर लाया गया।
हालांकि, कार्यभार ग्रहण कार्यक्रम के बाद जब अजय राय फिर बाहर निकले, तो दोनों पक्षों के बीच तनाव दोबारा बढ़ने का आरोप है। देखते ही देखते कहासुनी और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इस दौरान एक कार्यकर्ता के जूता निकालने की बात भी सामने आई। मुख्यालय में हुए इस घटनाक्रम ने पार्टी के अनुशासन और नेताओं के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए।
अजय राय बोले- पार्टी की छवि खराब कर रहे ऐसे लोग
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने घटना पर नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि उनके और उनके समर्थकों के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की गईं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पार्टी में गलत परंपरा डालना चाहते थे, इसलिए वह वहां से आगे बढ़ गए।
अजय राय के मुताबिक, पार्टी के हित में काम करने वाले लोग इस तरह का व्यवहार नहीं करेंगे। उन्होंने ऐसे लोगों पर पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया। उनके बयान से स्पष्ट है कि वह मुख्यालय में हुए घटनाक्रम को लेकर नाराज हैं।
ममता चौधरी ने लगाया महिलाओं से मारपीट का आरोप
दूसरी ओर, ममता चौधरी ने अजय राय और उनके साथ आए लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता आराधना मिश्रा मोना के स्वागत के लिए जुटी थीं। कार्यक्रम के दौरान जगह बनाने के लिए महिलाएं एक तरफ हो गई थीं और वह खुद दूसरी महिलाओं से बातचीत कर रही थीं।
ममता चौधरी के अनुसार, उन्हें नहीं पता कि किसने क्या टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद अजय राय उनकी ओर मुड़े और कथित तौर पर उन्हें अपनी हद में रहने को कहा। ममता का दावा है कि इसके बाद उनके साथ आए लोगों ने महिलाओं से आक्रामक तरीके से सवाल-जवाब किए और कथित तौर पर मारपीट की।
उन्होंने यह भी कहा कि यह दो गुटों के बीच सामान्य विवाद नहीं था, बल्कि एक तरफ पुरुष और दूसरी तरफ महिलाएं थीं। ममता चौधरी ने वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि उसमें वह अजय राय की ओर देखती तक नजर नहीं आ रही हैं। ये सभी आरोप उनके पक्ष की ओर से लगाए गए हैं; घटना के पूरे क्रम की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं होती।
दलितों से भेदभाव का मुद्दा भी उठाया
ममता चौधरी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उनके बारे में गलत बातें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने दलितों के साथ कथित भेदभाव का मुद्दा भी उठाया और कहा कि महिला कांग्रेस की टीम राहुल गांधी से मिलकर शिकायत करेगी।
इस तरह विवाद अब केवल कहासुनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पार्टी के भीतर महिलाओं के सम्मान, संगठनात्मक व्यवहार और कथित भेदभाव जैसे सवाल भी इससे जुड़ गए हैं। इन आरोपों पर पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
इमरान मसूद बोले- बड़ी पार्टी में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बड़ी पार्टी में इस तरह की घटनाएं कुछ हद तक होती रहती हैं। साथ ही उन्होंने अजय राय को ऊर्जावान नेता बताते हुए कहा कि पार्टी में उनके योगदान को न तो भुलाया जा सकता है और न ही कम करके आंका जा सकता है।
उनकी टिप्पणी को विवाद के बीच अजय राय के राजनीतिक योगदान के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, मुख्यालय में हुए हंगामे और लगाए गए आरोपों पर पार्टी के स्तर पर क्या कदम उठाया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
कौन हैं ममता चौधरी?
ममता चौधरी लखनऊ नगर निगम में कांग्रेस पार्षद दल की नेता हैं। वह मालवीय नगर वार्ड से पार्षद हैं और लगातार चार बार पार्षद चुने जाने का अनुभव रखती हैं। नगर निगम में कांग्रेस की प्रमुख महिला नेताओं में उनकी गिनती होती है।
आराधना मिश्रा मोना के सामने पहली चुनौती
आराधना मिश्रा मोना के प्रदेश अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के साथ ही पार्टी मुख्यालय में हुआ विवाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला है। एक तरफ अजय राय का पक्ष अभद्र टिप्पणियों और पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर ममता चौधरी महिलाओं के साथ कथित मारपीट और भेदभाव का मुद्दा उठा रही हैं।
नेतृत्व परिवर्तन के समय इस तरह का विवाद संगठन के सामने एक चुनौती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस नेतृत्व दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले को कैसे सुलझाता है और पार्टी के भीतर अनुशासन तथा आपसी समन्वय बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।
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