यूपी में 80 लाख किसानों से खरीदा गया 519 लाख मीट्रिक टन धान, ₹1.03 लाख करोड़ का भुगतान: योगी आदित्यनाथ

By
PEEYUSH UPADHYAY
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव...
- Editor
4 Min Read

उत्तर प्रदेश में किसानों की आय, फसल खरीद और कृषि सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के आंकड़े साझा किए हैं। उनके मुताबिक, वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच 80 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदा गया और सीधे भुगतान के जरिए किसानों तक एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि पहुंचाई गई।

80 लाख किसानों से हुई धान की खरीद

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से मार्च 2026 के बीच 80 लाख से अधिक किसा नों से 519 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा गया। इसके बदले किसानों को ₹1,03,833 करोड़ से अधिक का सीधा भुगतान किया गया। मुख्यमंत्री ने इसे किसानों की उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

सरकार के मुताबिक, खरीद प्रक्रिया में सीधे भुगतान की व्यवस्था से किसानों को उनकी उपज की कीमत बैंक खातों के माध्यम से मिलती है। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और सरकारी खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है।

धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए इस बार धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 71 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। MSP किसानों को सरकारी खरीद के तहत निर्धारित मूल्य का आश्वासन देता है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करता है कि किसान को खरीद केंद्रों तक पहुंच, पंजीकरण और समय पर भुगतान जैसी सुविधाएं कितनी प्रभावी ढंग से मिलती हैं।

कृषि विकास दर 18 प्रतिशत होने का दावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है। उनके अनुसार, प्रदेश देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में करीब 21 प्रतिशत योगदान देता है। उन्होंने यह भी कहा कि दुग्ध, गन्ना और गेहूं के उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है।

मुख्यमंत्री ने दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने का जिक्र करते हुए कहा कि बेहतर सिंचाई सुविधाओं और उन्नत बीजों से किसानों को लाभ मिला है।

बीज से बाजार तक सुविधाओं पर जोर

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार किसानों को बीज, सिंचाई, न्यूनतम समर्थन मूल्य और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से पात्र किसानों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य खेती की लागत के दबाव को कम करना और किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है।

किसानों की खुशहाली को बताया प्राथमिकता

योगी आदित्यनाथ ने किसान को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनकी खुशहाली सरकार की प्राथमिकता है। हालांकि, कृषि क्षेत्र में प्रगति का वास्तविक आकलन करने के लिए किसानों की आय, उत्पादन लागत, भुगतान में लगने वाला समय और छोटे किसानों तक योजनाओं की पहुंच जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।

प्रदेश में धान खरीद और भुगतान के ये आंकड़े कृषि क्षेत्र के बड़े पैमाने को दर्शाते हैं। अब महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सरकारी खरीद और कृषि योजनाओं का लाभ हर किसान तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है और इससे उसकी आमदनी में कितना स्थायी सुधार आता है।


Discover more from Aware Media News - Hindi News, Breaking News & Latest Updates

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Share This Article
Follow:
पीयुष उपाध्याय एक अनुभवी समाचार संपादक हैं, जो Aware Media Network के लिए देश-दुनिया की प्रमुख खबरों, विश्लेषण और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। उनका अनुभव पत्रकारिता में 7+ वर्षों का है और वे निष्पक्ष, भरोसेमंद और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कई पुरस्कार और मान्यता प्राप्त की है, जिनमें 2022 में “Best Investigative Journalist” और 2021 में “Top 10 Editors in Uttarakhand” शामिल हैं।
कोई टिप्पणी नहीं

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Exit mobile version